राजस्थान पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव: धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग, 3605 पंचायतों का शेड्यूल बदला; देखें नया कैलेंडर
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 का कार्यक्रम बदल गया है। धनतेरस के कारण 3605 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच का मतदान अब 5 नवंबर को होगा। जानें पूरा संशोधित शेड्यूल।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है। धनतेरस को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनावी प्रक्रिया को एक दिन पहले कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव तीसरे चरण में हुआ है, जिसमें 3605 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव अब 5 नवंबर को होंगे। पहले यहां 6 नवंबर यानी धनतेरस के दिन मतदान प्रस्तावित था। संशोधित कार्यक्रम में 6 नवंबर को इन पंचायतों में केवल उपसरपंच का चुनाव होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह बदलाव धार्मिक आस्था और आम लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया है। आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनावी प्रक्रिया में एक-एक दिन का बदलाव किया गया है, जबकि चौथे चरण का कार्यक्रम यथावत रखा गया है।
3605 पंचायतों में अब 5 नवंबर को मतदान
तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अब 3 नवंबर को होगा। इसके बाद 4 नवंबर को पंच-सरपंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया और 5 नवंबर को मतदान होगा। मतदान खत्म होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। वहीं 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा, जो वार्ड पंचों के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाएगा।
यानी जिस धनतेरस के दिन पहले 3605 ग्राम पंचायतों में सीधे पंच-सरपंच के लिए वोट पड़ने थे, अब उस दिन आम मतदाताओं को मतदान केंद्र नहीं जाना होगा।
पहले चरण का नया शेड्यूल
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अब 22 अक्टूबर को होगा। 23 अक्टूबर को पंच-सरपंच के लिए नामांकन और 24 अक्टूबर को मतदान होगा। 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा।
दूसरे चरण में भी एक दिन पहले मतदान
दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का मतदान 28 अक्टूबर को होगा। 29 अक्टूबर को पंच-सरपंच के नामांकन और 30 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके अगले दिन 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा।
चौथे चरण में कोई बदलाव नहीं
चौथे चरण का कार्यक्रम पहले की तरह ही रहेगा। इसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर, जबकि पंच-सरपंच के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा। सरपंच चुनाव के दिन ही मतदान खत्म होने के बाद मतगणना की जाएगी।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उपप्रधान का चुनाव 28 नवंबर को प्रस्तावित है।
जयपुर में चार चरणों में चुनाव
राजस्थान के 41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों के चुनाव चार चरणों में होंगे। जयपुर जिले में सभी चार चरणों में मतदान होगा। जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में एक चरण में चुनाव होंगे, जबकि कुछ जिलों में दो और कुछ में तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा।
इस बार पंचायतीराज चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लागू है। नए विकास कार्यों और ऐसी सरकारी घोषणाओं पर रोक रहेगी, जिनसे मतदाताओं को प्रभावित किए जाने की संभावना हो।
धनतेरस के दिन क्यों बदला कार्यक्रम?
चुनाव आयोग के सामने धनतेरस को लेकर धार्मिक आस्था और आम लोगों की भावनाओं का मुद्दा सामने आया था। धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी और धार्मिक गतिविधियों के कारण मतदान प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए आयोग ने पहले तीन चरणों की चुनावी प्रक्रिया को एक दिन पहले कर दिया।
अब 6 नवंबर को धनतेरस के दिन 3605 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच का सीधा मतदान नहीं होगा। उस दिन केवल उपसरपंच का चुनाव होगा, जो निर्वाचित वार्ड पंचों के जरिए होगा।
संशोधित पंचायत चुनाव शेड्यूल
- पहला चरण: जिला परिषद और पंचायत समिति मतदान 22 अक्टूबर, पंच-सरपंच मतदान 24 अक्टूबर, उपसरपंच चुनाव 25 अक्टूबर।
- दूसरा चरण: जिला परिषद और पंचायत समिति मतदान 28 अक्टूबर, पंच-सरपंच मतदान 30 अक्टूबर, उपसरपंच चुनाव 31 अक्टूबर।
- तीसरा चरण: जिला परिषद और पंचायत समिति मतदान 3 नवंबर, पंच-सरपंच मतदान 5 नवंबर, उपसरपंच चुनाव 6 नवंबर।
- चौथा चरण: जिला परिषद और पंचायत समिति मतदान 14 नवंबर, पंच-सरपंच मतदान 16 नवंबर, उपसरपंच चुनाव 17 नवंबर।

