Parliament Protest: काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव, छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष का हंगामा

संसद के मानसून सत्र में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत INDIA गठबंधन के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे, हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई।

Parliament Protest: काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव, छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष का हंगामा
Protest

Parliament Monsoon Session: दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में बुधवार को संसद का माहौल पूरी तरह गर्मा गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत INDIA गठबंधन के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में बाधित हो गई और सदन को एक घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों को न्याय दो" और "युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि वे संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे। विपक्ष की मांग है कि नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।