राजस्थान में आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
राजस्थान में 27 अगस्त को मौसम करवट ले सकता है। जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है, लेकिन आज यानी 27 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर रहने का अनुमान है।
जयपुर समेत इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 27 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। कोटा संभाग में 27 और 28 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
इसके बाद भी अलग-अलग दिनों में कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है। 28 अगस्त को भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग, जबकि 29 अगस्त को कोटा और उदयपुर संभाग में बारिश के आसार हैं। 30 और 31 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
13 जिलों में येलो अलर्ट
27 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में मौसम को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर, कोटा और झालावाड़ में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है।
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
पूर्वी राजस्थान में भी 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना है।
बारिश कम होने के साथ पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बढ़ सकता है। 26 अगस्त को श्रीगंगानगर 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
मौसम सिस्टम में क्या बदलाव आया?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा मानसून ट्रफ उत्तर भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है।
इन मौसमी परिस्थितियों के चलते पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, भले ही प्रदेश में मानसून की व्यापक गतिविधियां कमजोर हो रही हों।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। किसानों को भी बारिश की संभावना वाले दिनों में कृषि कार्य और फसल पर छिड़काव मौसम के अनुसार करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल राजस्थान में भारी और व्यापक बारिश का दौर कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि पूर्वी जिलों में छिटपुट बारिश और आंधी-गरज का सिलसिला बना रह सकता है।

