ढाई घंटे की बारिश में ‘दरिया’ बना बाड़मेर, घर-दुकानों में घुसा पानी; बीकानेर में भी हालात बेहाल
Rajasthan Rain: बाड़मेर में ढाई घंटे की बारिश से कई इलाकों में 2 से 4 फीट तक पानी भर गया। बीकानेर में भी सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी जमा हुआ।
राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरे तेवर में नजर आ रहा है। बाड़मेर और बीकानेर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सबसे ज्यादा असर बाड़मेर शहर में देखने को मिला, जहां महज ढाई घंटे में 33.6 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। रेलवे स्टेशन से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक जगह-जगह भारी जलभराव देखने को मिला। कई निचले इलाकों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
बाड़मेर में ढाई घंटे की बारिश ने बिगाड़े हालात
बाड़मेर में तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब ढाई घंटे में हुई 33.6 मिमी बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों पर पानी का तेज बहाव देखने को मिला। हालात ऐसे बने कि सड़क और नाले के बीच का अंतर कई जगह नजर आना मुश्किल हो गया।
शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र, सब्जी मंडी, हॉस्पिटल रोड, विवेकानंद सर्किल और कलेक्ट्रेट परिसर सहित कई स्थानों पर भारी जलभराव हुआ। कुछ इलाकों में 2 से 4 फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

निचली बस्तियों और दुकानों तक पहुंचा पानी
बारिश का सबसे ज्यादा असर बाड़मेर के निचले इलाकों में देखने को मिला। जल निकासी पर्याप्त नहीं होने से कई जगह पानी तेजी से जमा हुआ और दुकानों व घरों के अंदर तक पहुंच गया। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की मशक्कत करनी पड़ी।
शहर के व्यस्त इलाकों में जलभराव ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया। कई मार्गों पर वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दिए, जबकि ज्यादा पानी वाले रास्तों पर आवाजाही मुश्किल हो गई।
ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी बारिश का असर
मूसलाधार बारिश का असर सिर्फ बाड़मेर शहर तक सीमित नहीं रहा। आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी तेज बहाव और पानी जमा होने से संपर्क मार्ग प्रभावित हुए। कई जगह आवाजाही में परेशानी हुई। लगातार बारिश की स्थिति में निचले क्षेत्रों में जलभराव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

बीकानेर में भी सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी
उधर, बीकानेर जिले में भी तेज मानसूनी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सड़कों पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी जमा होने की स्थिति सामने आई।
सड़कों पर जमा पानी के कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। भारी जलभराव ने एक बार फिर शहरों और कस्बों की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल?
बाड़मेर और बीकानेर में कम समय में हुई तेज बारिश के बाद जिस तरह प्रमुख सड़कें और आबादी वाले इलाके जलमग्न हुए, उससे जल निकासी व्यवस्था चर्चा में आ गई है। खास तौर पर बाड़मेर में रेलवे स्टेशन, अस्पताल रोड और कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पानी जमा होना शहरी ड्रेनेज व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती को दिखाता है।
मानसून के दौरान यदि इसी तरह कम समय में भारी बारिश होती रही तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पीपी की परेशानी और बढ़ सकती है।

