संसद के बाहर पोस्टर, अंदर हंगामा: ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे; लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
Parliament Protest: छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। ‘अमित शाह जवाब दो’ के पोस्टर लेकर पहुंचे सांसदों के हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हुई।
संसद में सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और हंगामे के चलते सियासी माहौल गरमा गया। दिल्ली में 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सांसद हाथों में ‘अमित शाह जवाब दो’ लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की।
विपक्ष का विरोध संसद परिसर तक ही सीमित नहीं रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा जारी रहा। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उनका विरोध 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर था।
विपक्षी सांसदों ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ‘अमित शाह जवाब दो’ की मांग प्रमुखता से उठाई गई। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस पूरे मामले पर संसद में बयान दें और पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करें।

सदन शुरू होते ही हंगामा, कार्यवाही स्थगित
संसद परिसर में शुरू हुआ विरोध सदन के भीतर भी जारी रहा। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया।
हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई और सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
प्रियंका गांधी बोलीं- गृह मंत्री के बयान तक जारी रहेगा गतिरोध
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष गृह मंत्री के बयान की मांग से पीछे नहीं हटेगा।
प्रियंका गांधी के मुताबिक, जब तक गृह मंत्री संसद में आकर पूरे मामले पर बयान नहीं देते, तब तक गतिरोध जारी रहेगा। उनके इस बयान से संकेत मिल रहे हैं कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर आगे भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

पुलिस एक्शन को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा विपक्ष
विपक्ष का पूरा विरोध 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर केंद्रित है। विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय से जवाब चाहते हैं और इसी वजह से सीधे गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की जा रही है।
संसद परिसर में पोस्टर प्रदर्शन और सदन के भीतर हंगामे ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और गरमा दिया है।
क्या संसद में जारी रहेगा गतिरोध?
प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान के बाद अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं। विपक्ष ने साफ संकेत दिया है कि गृह मंत्री के बयान के बिना वह इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या सरकार विपक्ष की मांग स्वीकार करते हुए संसद में इस मामले पर जवाब देगी या फिर विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही आगे भी प्रभावित होती रहेगी। फिलहाल छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मामला संसद के मानसून सत्र के प्रमुख सियासी मुद्दों में शामिल होता दिखाई दे रहा है।

