Rajasthan Panchayat Election 2026: 457 प्रधानों की आरक्षण लॉटरी, जयपुर में 11 महिला प्रधानों की सीटें
राजस्थान में 457 पंचायत समितियों के प्रधान, 1,403 जिला परिषद और 8,245 पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 सितंबर को सरपंच-वार्ड पंच सीटों का आरक्षण होगा।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां अब अगले अहम पड़ाव पर पहुंच गई हैं। बुधवार को प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। इसके साथ ही 1,403 जिला परिषद सदस्यों और 8,245 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी तय किया जा रहा है। 23 सितंबर को होने वाली इस प्रक्रिया के बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले दावेदारों के लिए सीटों का गणित काफी हद तक साफ हो जाएगा।
जयपुर में 22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण आज तय किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनमें सिर्फ 4 पद अनारक्षित रहेंगे, जबकि अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों में 11 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाली लॉटरी में पंचायत समिति प्रधानों के साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य सीटों का आरक्षण भी निर्धारित किया जा रहा है।
उदयपुर में भी प्रधान पदों के आरक्षण को लेकर तस्वीर लॉटरी के बाद साफ होगी। वहीं डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण का असर खास तौर पर दिखाई देगा। अलग-अलग जिलों में आरक्षण की श्रेणी तय होने के साथ ही कई संभावित दावेदारों को अपनी चुनावी रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
प्रदेश स्तर पर 457 प्रधान पदों में 79 पद अनुसूचित जाति, 93 पद अनुसूचित जनजाति और 56 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने हैं। महिलाओं के लिए प्रत्येक श्रेणी में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू होगा। आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने के कारण अंतिम आवंटन में आवश्यक समायोजन किया जा सकता है।
इस लॉटरी का असर सिर्फ सीटों के आरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। गांवों में लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की पूरी रणनीति आरक्षण की एक पर्ची से बदल सकती है। जिस सीट को सामान्य मानकर दावेदारी की जा रही थी, वह महिला, SC, ST या OBC के लिए आरक्षित हो सकती है। ऐसे में कई दावेदारों को दूसरी सीट तलाशनी पड़ सकती है।
आज की लॉटरी के बाद अगला बड़ा चरण 24 सितंबर को होगा। इस दिन ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों का आरक्षण उपखंड स्तर पर तय किया जाएगा। यानी दो दिनों में राजस्थान के ग्रामीण चुनावी मैदान की आरक्षण तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया लंबे इंतजार के बाद आगे बढ़ रही है। अब 23 और 24 सितंबर की लॉटरी के बाद संभावित उम्मीदवारों की नजर चुनाव कार्यक्रम पर होगी। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही गांवों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

