न्यू सांगानेर रोड पर फिर गरमाया विवाद, 250 मकान-दुकानों पर कार्रवाई का खतरा; बाजार बंद कर व्यापारियों ने मांगा मुआवजा
जयपुर में न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने की जेडीए की कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध किया। करीब 250 मकान-दुकानों पर कार्रवाई की आशंका के बीच प्रभावित लोगों ने मुआवजा, पुनर्वास और दस्तावेजों की जांच की मांग की है। 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
न्यू सांगानेर रोड की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर जयपुर में एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेडीए ने सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है, वहीं कार्रवाई की जद में आने वाले दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रभावित व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया और मुआवजे के साथ वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई।
मामले में अब 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस दौरान जेडीए की ओर से कार्रवाई को लेकर पालना रिपोर्ट पेश की जानी है। ऐसे में प्रभावित व्यापारियों और संपत्ति मालिकों की चिंता बढ़ गई है। जेडीए की ओर से सड़क की जमीन का डिमार्केशन भी करवाया जा रहा है।
250 मकान-दुकानों पर कार्रवाई की आशंका
गुर्जर की थड़ी से सोडाला के बीच न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने की योजना है। बताया जा रहा है कि करीब 2.3 किलोमीटर के इस हिस्से में लगभग 250 मकान और दुकानें कार्रवाई की जद में आ सकती हैं।
हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को गुर्जर की थड़ी से सोडाला तक सड़क की निर्धारित चौड़ाई के अनुसार अतिक्रमण हटाने के निर्देश जेडीए को दिए थे। अब इसी आदेश की पालना को लेकर जेडीए ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
60-70 साल पुरानी दुकानों का हवाला
चौड़ीकरण का विरोध कर रहे व्यापारियों का कहना है कि इस इलाके में कई दुकानें दशकों से संचालित हो रही हैं। कुछ प्रभावित लोगों का दावा है कि उनके पास सोसायटी के पट्टे समेत संपत्ति पर अधिकार या कब्जे से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं।
व्यापारियों की मांग है कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले सभी दस्तावेजों की विधिवत जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि सड़क चौड़ी करने के लिए वास्तव में कितनी जमीन की जरूरत है और किन संपत्तियों पर इसका असर पड़ेगा।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग
प्रभावित दुकानदारों का सबसे बड़ा सवाल मुआवजे और पुनर्वास को लेकर है। उनका कहना है कि यदि वैध अधिकार या पट्टे वाली संपत्तियां सड़क चौड़ीकरण की वजह से प्रभावित होती हैं तो उनके लिए स्पष्ट मुआवजा नीति बनाई जानी चाहिए।
व्यापारियों ने वैकल्पिक जगह या पुनर्वास की व्यवस्था पर भी विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि अचानक कार्रवाई होने से लंबे समय से कारोबार कर रहे लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
जेडीए पहले भी चला चुका है अभियान
न्यू सांगानेर रोड पर यह पहली बार नहीं है जब सड़क चौड़ीकरण को लेकर जेडीए ने कार्रवाई की है। इससे पहले गोपालपुरा से गुर्जर की थड़ी, मानसरोवर रीको कांटा से मेट्रो स्टेशन तक न्यू सांगानेर रोड, खातीपुरा से सिरसी रोड और नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा फ्लाईओवर रोड तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
अब सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच करीब 2.3 किलोमीटर हिस्से को 100 फीट चौड़ा करने की प्रक्रिया पर फोकस है।
6 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी नजर
मामले की अगली अहम सुनवाई 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होगी। जेडीए को तब तक अदालत के आदेश की पालना को लेकर रिपोर्ट पेश करनी है। ऐसे में अब निगाहें जेडीए की कार्रवाई और हाईकोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट पर हैं।
एक तरफ सड़क चौड़ीकरण को लेकर जेडीए की कार्रवाई आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ प्रभावित व्यापारी मुआवजे, पुनर्वास और दस्तावेजों की जांच की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

