राजस्थान पंचायत चुनाव में आज खुलेगा आरक्षण का पिटारा, 457 प्रधानों की सीट तय; किसके खाते में जाएगी कौन-सी सीट?
Rajasthan Panchayat Election 2026: बुधवार को राजस्थान में 457 पंचायत समिति प्रधान, 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण की लॉटरी होगी। 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों का आरक्षण तय किया जाएगा।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच गई हैं। पंचायत समिति प्रधान से लेकर जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की तस्वीर बुधवार को साफ हो जाएगी। 457 पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी आज संबंधित जिला मुख्यालयों पर निकाली जाएगी। इसके साथ ही 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी तय किया जाएगा।
इससे पहले 41 जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को हो चुकी है। अब पंचायत समिति स्तर पर होने वाली लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस पंचायत समिति में किस वर्ग के लिए प्रधान का पद आरक्षित रहेगा।
457 प्रधान पदों में SC-ST-OBC का कितना कोटा?
457 पंचायत समिति प्रधान पदों में आरक्षण के निर्धारित अनुपात के आधार पर एससी वर्ग के लिए 79 और एसटी वर्ग के लिए 93 पद आरक्षित किए जाने हैं। वहीं ओबीसी के हिस्से में करीब 56 प्रधान पद आ सकते हैं।
हालांकि, ओबीसी आरक्षण को लेकर अंतिम तस्वीर लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी। इसकी वजह कुल आरक्षण की सीमा है। राज्य में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। इसी वजह से ओबीसी कोटे में कुछ फेरबदल की संभावना बताई जा रही है।
बाकी करीब 228 से 229 प्रधान पद ओपन कैटेगरी में रह सकते हैं। किस जिले और पंचायत समिति में कौन-सा वर्ग आरक्षित होगा, इसका निर्धारण लॉटरी के जरिए किया जाएगा।
महिलाओं के लिए 50% आरक्षण
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। ऐसे में कुल करीब 1.55 लाख पंचायती राज प्रतिनिधियों में 77 हजार से अधिक पद महिलाओं के हिस्से में जाएंगे।
खास बात यह है कि महिलाओं का आरक्षण प्रत्येक श्रेणी में लागू होगा। यानी एससी, एसटी, ओबीसी और ओपन कैटेगरी में भी 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इससे इस बार पंचायत चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व का बड़ा हिस्सा रहने वाला है।
सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी 24 सितंबर को
प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत स्तर की बारी आएगी। सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर निकाली जाएगी।
इस तरह 23 और 24 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया के बाद प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।
इस बार आरक्षण का फॉर्मूला बदलेगा तस्वीर
पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण रोटेशन के आधार पर तय किया जाता है। इसका मतलब है कि पिछली बार जिस पंचायत समिति, वार्ड या सीट पर सी खास वर्ग के लिए आरक्षण था, जरूरी नहीं कि इस बार भी वही आरक्षण बना रहे।
लॉटरी में पिछली बार आरक्षित रही सीटों को अलग रखते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार नई सीटों का चयन किया जाता है। ऐसे में पिछली बार सामान्य रही सीट इस बार एससी, एसटी, ओबीसी या महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती है। वहीं पिछली बार आरक्षित रही सीट इस बार सामान्य श्रेणी में भी जा सकती है।
यही वजह है कि आरक्षण की लॉटरी को चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
परिसीमन से बदला पंचायतों का गणित
इस बार के पंचायती राज चुनाव परिसीमन के बाद हो रहे हैं। जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों के साथ-साथ वार्डों की सीमाओं में भी बदलाव किया गया है।
परिसीमन के बाद कई क्षेत्रों का भौगोलिक और चुनावी स्वरूप बदल गया है। ऐसे में आरक्षण की नई लॉटरी के साथ उम्मीदवारों के सामने नए समीकरण भी बनेंगे। कई संभावित उम्मीदवारों को अपनी पुरानी सीट के बजाय नए क्षेत्र से चुनावी तैयारी करनी पड़ सकती है।
OBC आरक्षण में आयोग की रिपोर्ट की भूमिका
पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण तय करने में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को आधार बनाया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट में संबंधित क्षेत्रों में ओबीसी आबादी के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण तय करने की सिफारिश की गई है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रक्रिया में देरी भी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों में रही है। अब आरक्षण प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार है।
26 सितंबर को चुनाव कार्यक्रम का ऐलान संभव
23 और 24 सितंबर को आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद अब नजर चुनाव आयोग की घोषणा पर है। संभावना है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के दो दिन बाद यानी 26 सितंबर को पंचायती राज चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।
हालांकि, अंतिम चुनाव कार्यक्रम और तारीखों की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी। आरक्षण की लॉटरी के बाद उम्मीदवारों को यह भी पता चल जाएगा कि किस सीट पर कौन-सी कैटेगरी लागू होगी और इसके आधार पर चुनावी तैयारियां तेज होंगी।

