वाटर कैनन चली तो नाचने लगे छात्र! रांची में उग्र हुआ आंदोलन, कंटीले तार और 6 लेयर सुरक्षा तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े
Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों ने विधानसभा घेराव किया। बैरिकेडिंग पार करने के बाद वाटर कैनन की बौछारों के बीच प्रदर्शनकारी नाचते नजर आए।
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करते हुए आगे बढ़ते नजर आए।
इस पूरे प्रदर्शन के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त की हुई, जब पुलिस ने छात्रों को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार पड़ते ही पीछे हटने के बजाय कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही झूमने और गमछा लहराकर नाचने लगे। इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कंटीले तार भी नहीं रोक पाए, बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े छात्र
विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट था। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए जगन्नाथपुर मंदिर और विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा के लिए कई लेयर में बैरिकेड लगाए गए थे और कुछ स्थानों पर कंटीले तारों का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाते और सुरक्षा घेरे को पार करते हुए आगे बढ़ गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

वाटर कैनन चली तो सड़क पर ही शुरू हो गया डांस
प्रदर्शन के दौरान सबसे अलग तस्वीर वाटर कैनन के इस्तेमाल के समय सामने आई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की तेज बौछार छोड़ी, लेकिन इसका प्रदर्शनकारियों पर उल्टा असर देखने को मिला।
कई छात्र पीछे हटने की जगह पानी की बौछार के बीच ही नाचने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी गमछा लहराते हुए झूमते नजर आए। प्रदर्शन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
9 दिन से भूख हड़ताल, एंबुलेंस और स्ट्रेचर से पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी चर्चा में रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे और तबीयत खराब होने के बावजूद विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे।
स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल तक लाया गया और वे स्ट्रेचर के सहारे आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान उनके हाथ में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर भी नजर आई।
विधानसभा के आसपास धारा 163, ड्रोन-CCTV से निगरानी
छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। विधानसभा के आसपास करीब 2 किलोमीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए।
प्रदर्शन और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और CCTV कैमरों का भी सहारा लिया गया। विधानसभा की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़ते रहे, जिससे कई जगह पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
आखिर क्यों सड़कों पर उतरे हैं झारखंड के छात्र?
आंदोलन के केंद्र में झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद हैं। प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर विरोध कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों में सुधार और भर्ती प्रक्रिया की CBI जांच शामिल है।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सरकार से बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंदोलनकारी पक्ष और सरकार के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद विधानसभा घेराव का फैसला लिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने से लेकर वाटर कैनन के बीच नाचते छात्रों की तस्वीरों ने इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी चर्चा में ला दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर आगे कोई बड़ा फैसला लिया जाता है या नहीं।

