CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थाने पहुंचीं महुआ मोइत्रा, लगाया वोटर लिस्ट से जुड़े गंभीर आरोप

महुआ मोइत्रा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जानें SIR और वोटर लिस्ट को लेकर लगाए गए आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थाने पहुंचीं महुआ मोइत्रा, लगाया वोटर लिस्ट से जुड़े गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच की गई है। महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचीं महुआ मोइत्रा

महुआ मोइत्रा गुरुवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचीं और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से छेड़छाड़ और वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने जैसे आरोप लगाए।

महुआ मोइत्रा ने क्या आरोप लगाए?

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे फैसले लिए गए जिनसे वास्तविक मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना काम किया।

हालांकि, ये महुआ मोइत्रा और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन्हें लेकर चुनाव आयोग ने अलग पक्ष रखा है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि SIR समेत आयोग के फैसले पूरे आयोग की सहमति से लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव मुख्य रूप से ड्राफ्ट स्तर की प्रक्रिया का हिस्सा थे और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कम से कम 14 मौकों पर सवाल उठाए थे। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग सुझाव आना सामान्य प्रक्रिया है और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

शिकायत के बाद आगे क्या?

महुआ मोइत्रा की शिकायत के बाद अब पुलिस स्तर पर मामले की जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल शिकायत दर्ज होना अपने आप में आरोपों के सही साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।