Jaipur Mayor Election 2026: कौन बनेगा जयपुर का नया मेयर? इन 5 नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
जयपुर नगर निगम में बीजेपी के 78 पार्षदों के बहुमत के बाद मेयर पद को लेकर चर्चा तेज है। सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावत, विमल अग्रवाल और शैलेंद्र भार्गव समेत महिला पार्षद के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए जा रहे हैं।
जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब सबकी नजर मेयर की कुर्सी पर है। 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में भाजपा ने 78 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस के खाते में 53 सीटें आईं, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
बहुमत मिलने के बाद भाजपा में अब मेयर पद के लिए संभावित नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मेयर पद इस बार अनारक्षित है, इसलिए पार्टी के पास अलग-अलग वर्गों और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरों में से चुनाव करने का विकल्प है। फिलहाल पांच नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बताए जा रहे हैं।
सुनील कोठारी
मेयर पद की रेस में सुनील कोठारी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। संघ पृष्ठभूमि से जुड़े कोठारी को संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाला चेहरा माना जाता है। उनकी छवि और संगठन के साथ लंबे जुड़ाव को देखते हुए पार्टी में उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
हालांकि, मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व ही करेगा।
पुनीत कर्णावत
दूसरा प्रमुख नाम निवर्तमान डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावत का है। उन्होंने वार्ड 76 से दोबारा जीत दर्ज की है। नगर निगम के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था का अनुभव उनके पक्ष में माना जा रहा है।
यदि पार्टी नेतृत्व अनुभव और नगर निगम के कामकाज की समझ को प्राथमिकता देता है, तो कर्णावत भी मजबूत दावेदार हो सकते हैं।
विमल अग्रवाल
वरिष्ठ भाजपा नेता विमल अग्रवाल भी मेयर पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। उन्होंने वार्ड 135 से 7,115 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है।
जयपुर के व्यापारिक और वैश्य समुदाय में उनकी पकड़ को उनके पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि उनका नाम भी पार्टी के संभावित विकल्पों में शामिल है।
शैलेंद्र भार्गव
पूर्व शहर अध्यक्ष शैलेंद्र भार्गव का नाम भी चर्चा में है। उन्होंने वार्ड 43 से जीत हासिल की है। संगठन में लंबे समय तक काम करने का अनुभव और पार्टी नेतृत्व के साथ उनका तालमेल उनकी दावेदारी को मजबूत कर सकता है।
सरप्राइज महिला चेहरा भी हो सकता है विकल्प
भाजपा मेयर पद के लिए किसी महिला पार्षद के नाम से भी चौंका सकती है। पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल के चुनाव हारने के बाद उनकी दावेदारी खत्म हो गई है, लेकिन पार्टी किसी अन्य वरिष्ठ या युवा महिला पार्षद को मौका दे सकती है।
हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक नाम सामने नहीं आया है।
किस आधार पर होगा मेयर का फैसला?
जयपुर में भाजपा के पास 78 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक समीकरण, पार्षदों की पसंद, प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक संतुलन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर नाम तय कर सकता है।
फिलहाल सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावत, विमल अग्रवाल और शैलेंद्र भार्गव के साथ किसी महिला चेहरे को संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। अंतिम तस्वीर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
राजस्थान में नगर निगम के मेयर का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। मेयर का चुनाव निर्वाचित पार्षदों के जरिए अप्रत्यक्ष मतदान से होता है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 18 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
इसके बाद 21 सितंबर 2026 को मेयर पद के लिए मतदान होगा। मतदान के बाद मतगणना की जाएगी और इसी दिन नए मेयर के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।

