निकाय चुनाव नतीजों पर डोटासरा का BJP पर हमला, बोले- ‘जनता ने सरकार को आईना दिखाया

राजस्थान निकाय चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बीजेपी की बढ़त एक प्रतिशत से कम रहने का दावा करते हुए परिसीमन और चुनावी आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

निकाय चुनाव नतीजों पर डोटासरा का BJP पर हमला, बोले- ‘जनता ने सरकार को आईना दिखाया

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि इन चुनावों में बीजेपी की कांग्रेस पर बढ़त एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। उन्होंने कहा कि परिणामों ने बीजेपी सरकार को जनता का आईना दिखा दिया है।

डोटासरा ने निकायों के परिसीमन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वार्डों का असमान परिसीमन बीजेपी के पक्ष में गया। उनका दावा है कि बीजेपी के जीते 4097 वार्डों में 1316 में जीत का अंतर 100 वोट से कम रहा, जबकि 772 वार्डों में अंतर 50 वोट से भी कम था। 13 वार्डों में बीजेपी के उम्मीदवार सिर्फ एक वोट से जीते।

आरक्षित वार्डों में कांग्रेस की बढ़त का दावा

डोटासरा ने SC और ST आरक्षित वार्डों के आंकड़े गिनाते हुए कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का दावा किया। उनके मुताबिक SC आरक्षित वार्डों में कांग्रेस ने 542 और बीजेपी ने 350 सीटें जीतीं। SC महिला आरक्षित वार्डों में कांग्रेस 261 और बीजेपी 186 सीटों पर जीती। ST महिला आरक्षित वार्डों में भी कांग्रेस के 53 मुकाबले बीजेपी को 39 सीटें मिलने का दावा किया गया।

उन्होंने कहा कि यह परिणाम बीजेपी के दलित और आदिवासी विरोधी रवैये का जवाब हैं।

पाली, बीकानेर और अजमेर का उदाहरण

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पाली, बीकानेर और अजमेर के परिणामों को पार्टी के पक्ष में बताते हुए कहा कि पाली में कांग्रेस ने 29 और बीजेपी ने 21 वार्ड जीते। बीकानेर में कांग्रेस के 42 वार्ड जीतने का दावा किया गया, जबकि अजमेर में कांग्रेस ने 37 और बीजेपी ने 32 वार्ड जीते।

जोधपुर को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने 45 वार्ड जीते और वोट शेयर भी बीजेपी से अधिक रहा।

जयपुर में परिसीमन को लेकर सवाल

जयपुर के नतीजों पर डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस को बीजेपी से 10 हजार से ज्यादा वोट मिले, लेकिन सीटों में बीजेपी आगे रही। उन्होंने इसका कारण कथित असमान परिसीमन को बताया और वार्डों में मतदाताओं की संख्या के बड़े अंतर का उदाहरण दिया।

उन्होंने पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल की हार का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद भी वह अपना वार्ड नहीं बचा सकीं।

पंचायत चुनाव को लेकर भी किया दावा

डोटासरा ने कहा कि शहरी निकाय चुनावों के बाद अब आने वाले पंचायती राज चुनाव में भी बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के करीब ढाई साल के कार्यकाल में जनता के हित में पर्याप्त काम नहीं हुआ, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया है।