जयपुर में BJP का बोर्ड तय! 78 वार्ड जीते, कांग्रेस 53 पर सिमटी; पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल भी हारीं

जयपुर के 146 वार्डों के नतीजों में बीजेपी ने 78, कांग्रेस ने 53 और निर्दलीयों ने 15 सीटें जीती हैं। चार वार्डों के पांच बूथों पर री-पोलिंग के बावजूद बीजेपी का बोर्ड बनना लगभग तय है।

जयपुर में BJP का बोर्ड तय! 78 वार्ड जीते, कांग्रेस 53 पर सिमटी; पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल भी हारीं

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में राजधानी जयपुर में बीजेपी ने अपना दबदबा कायम करते हुए नगर निगम में बोर्ड बनाने की स्थिति हासिल कर ली है। अब तक हुई मतगणना में बीजेपी ने 78 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस 53 सीटों पर सिमट गई। वहीं 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। इस तरह जयपुर नगर निगम में बीजेपी का बोर्ड बनना लगभग तय हो गया है।

जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों में से सोमवार को 146 वार्डों की मतगणना पूरी हुई। वहीं चार वार्ड—9, 18, 25 और 34—के पांच बूथों पर री-पोलिंग होगी। इन बूथों पर दोबारा मतदान के बाद ही संबंधित वार्डों का अंतिम परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होगा।

बीजेपी की जीत, लेकिन ज्योति खंडेलवाल की हार ने चौंकाया

जयपुर में बीजेपी के लिए नगर निगम में बहुमत हासिल करना बड़ी कामयाबी रही, लेकिन पार्टी के लिए एक बड़ा झटका वार्ड नंबर 110 से आया। यहां पूर्व महापौर और बीजेपी की चर्चित नेता ज्योति खंडेलवाल चुनाव हार गईं।

ज्योति खंडेलवाल को कांग्रेस की सुनीता मेठी ने शिकस्त दी। खास बात यह रही कि ज्योति खंडेलवाल अपने वार्ड के किसी भी बूथ पर बढ़त हासिल नहीं कर सकीं। उनकी हार इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्हें नगर निगम के मेयर पद की संभावित दावेदारों में शामिल माना जा रहा था।

पूर्व मेयर से लेकर बीजेपी नेताओं तक को झटके

जयपुर के चुनावी नतीजों में कई दिग्गजों को अप्रत्याशित परिणामों का सामना करना पड़ा। वार्ड नंबर 35 में बीजेपी नेता विमल कटियार को निर्दलीय प्रत्याशी के हाथों हार मिली। वहीं वार्ड 49 में कांग्रेस के धर्मसिंह सिंघानिया ने बीजेपी के मुकेश शर्मा ‘काका’ को मात दी।

इन नतीजों ने साफ कर दिया कि बीजेपी भले ही पूरे निगम में बढ़त बनाने में सफल रही हो, लेकिन कई वार्डों में पार्टी के मजबूत माने जाने वाले चेहरों को भी मतदाताओं ने झटका दिया है।

वार्ड 113 में 10 हजार से ज्यादा वोटों का रिकॉर्ड अंतर

जयपुर के वार्ड नंबर 113 में मुकाबला एकतरफा नजर आया। यहां गजनफर अली ने निर्दलीय प्रत्याशी को 10,014 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया। यह जीत जयपुर के निकाय चुनाव में सबसे बड़े अंतर वाली जीत में शामिल रही।

वहीं वार्ड नंबर 124 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। यहां कांग्रेस की कांता देवी ने महज 5 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यानी एक तरफ जयपुर में कुछ वार्डों में हजारों वोटों का अंतर देखने को मिला, तो दूसरी ओर कुछ सीटों पर जीत और हार का फैसला महज कुछ वोटों से हुआ।

146 वार्डों का फैसला, 4 वार्डों में फिर मतदान

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से 146 के नतीजे सामने आ चुके हैं। अब चार वार्डों के पांच बूथों पर री-पोलिंग के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। हालांकि बीजेपी 78 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है, इसलिए निगम में उसका बोर्ड बनना तय माना जा रहा है।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बीजेपी मेयर पद के लिए किस चेहरे पर दांव लगाती है। ज्योति खंडेलवाल की हार के बाद मेयर पद की संभावित दावेदारों की रेस में नए नामों की एंट्री हो सकती है।

जयपुर में अब मेयर की कुर्सी पर नजर

नगर निगम में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अगली बड़ी राजनीतिक लड़ाई मेयर पद को लेकर होगी। पार्टी के पास कई पार्षदों के बीच से चेहरा चुनने का विकल्प होगा। ऐसे में अब जयपुर की सियासत का फोकस चुनाव परिणामों से हटकर मेयर पद के संभावित चेहरे पर टिक गया है।

जयपुर के नतीजों ने जहां बीजेपी को नगर निगम की सत्ता दिला दी है, वहीं कांग्रेस के सामने संगठन और स्थानीय स्तर पर अपनी रणनीति की समीक्षा करने की चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं निर्दलीय पार्षदों की 15 सीटें भी आने वाले राजनीतिक समीकरणों में अपनी भूमिका निभा सकती हैं।