8th Pay Commission: इस तारीख तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट, संसद में सरकार ने किया बड़ा खुलासा

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा अपडेट दिया है। आयोग 3 मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट देगा, जबकि नई वेतन व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

8th Pay Commission: इस तारीख तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट, संसद में सरकार ने किया बड़ा खुलासा

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। संसद में सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 3 मई 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सरकार रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और मंजूरी मिलने के बाद नई वेतन एवं पेंशन व्यवस्था लागू की जाएगी। हालांकि, कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी (Effective) मानी जाएंगी। ऐसे में मंजूरी में देरी होने पर भी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का लाभ मिलेगा।

राज्यसभा में सरकार ने क्या बताया?

मंगलवार (28 जुलाई) को राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 8वें वेतन आयोग की समयसीमा को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को एक आधिकारिक प्रस्ताव (Resolution) जारी कर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया था। इसी प्रस्ताव में आयोग के कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) और उसकी जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

सरकार के अनुसार, आयोग को अपनी कार्यप्रणाली स्वयं तय करने की स्वतंत्रता दी गई है। आयोग को समय-समय पर कोई अंतरिम (Interim) या प्रोग्रेस रिपोर्ट सरकार को देना अनिवार्य नहीं है। उसे केवल तय समयसीमा के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

3 मई 2027 तक देनी होगी अंतिम रिपोर्ट

सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसी निर्धारित अवधि के अनुसार आयोग को 3 मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

रिपोर्ट में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर तथा अन्य सेवा संबंधी वित्तीय लाभों पर विस्तृत सिफारिशें शामिल होंगी।

कब से बढ़ेगी सैलरी?

हालांकि आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई 2027 में आएगी, लेकिन इसकी सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। भारत में परंपरागत रूप से हर दस वर्ष में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था, इसलिए आठवें वेतन आयोग की प्रभावी तिथि भी 1 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

इसका मतलब यह है कि रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों को संशोधित वेतन का लाभ पिछली प्रभावी तिथि से मिलेगा।

सरकार की मंजूरी के बाद लागू होंगे नए नियम

आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार उसकी विस्तृत समीक्षा करेगी। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी, अधिसूचना जारी होने और विभिन्न विभागों में लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में कुछ महीने और लग सकते हैं।

यही कारण है कि कर्मचारियों को संशोधित वेतन तुरंत मिलने के बजाय मंजूरी के बाद लागू होगा, लेकिन प्रभावी तिथि पहले से तय होने के कारण वित्तीय नुकसान नहीं होगा।

मिलेगा 16 से 18 महीने तक का एरियर

यदि आयोग की सिफारिशें 2027 में मंजूर होती हैं, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर नई वेतन व्यवस्था लागू होने तक की अवधि का पूरा अंतर कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के रूप में दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में कर्मचारियों को लगभग 16 से 18 महीने का एरियर मिल सकता है। यह राशि वेतन संशोधन, महंगाई भत्ते (DA), पेंशन और अन्य भत्तों के आधार पर अलग-अलग होगी।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर आयोग पर

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग की रिपोर्ट से बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन संरचना में बदलाव की उम्मीद है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।

मुख्य बातें एक नजर में

8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट: 3 मई 2027 तक।

आयोग का गठन: 3 नवंबर 2025।

रिपोर्ट तैयार करने की समयसीमा: 18 महीने।

सिफारिशें प्रभावी मानी जाएंगी: 1 जनवरी 2026 से।

सरकार की मंजूरी के बाद लागू होगी नई वेतन व्यवस्था।

कर्मचारियों और पेंशनर्स को 16–18 महीने तक का एरियर मिलने की संभावना।