Rajasthan Nikay Chunav 2026: 309 निकायों में मतदान खत्म, 14 सितंबर को आएगा फैसला; BJP-कांग्रेस के लिए बड़ी परीक्षा

राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में मतदान पूरा हो चुका है और अब 14 सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित होंगे। BJP और कांग्रेस के प्रदर्शन के साथ BAP, BSP, RLP, CPI(M), AAP और निर्दलीय प्रत्याशियों के वोट भी कई निकायों में बोर्ड गठन का गणित बदल सकते हैं।

Rajasthan Nikay Chunav 2026: 309 निकायों में मतदान खत्म, 14 सितंबर को आएगा फैसला; BJP-कांग्रेस के लिए बड़ी परीक्षा

राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनावी मतदान पूरा हो चुका है। अब सभी की नजरें 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। इन नतीजों को BJP और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है। चुनाव परिणामों से न सिर्फ स्थानीय निकायों में बोर्ड गठन की तस्वीर साफ होगी, बल्कि शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक रुझान का भी संकेत मिलेगा।

BJP के लिए सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड

भाजपा के लिए नगरीय निकाय चुनाव सरकार के कामकाज को शहरी मतदाताओं के बीच परखने का मौका है। पार्टी ने स्थानीय मुद्दों के साथ सरकार की उपलब्धियों को भी चुनाव प्रचार में प्रमुखता दी।

अगर भाजपा बड़ी संख्या में निकायों में बोर्ड बनाने में सफल रहती है तो इसे सरकार की स्वीकार्यता और शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। वहीं उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं होने पर स्थानीय स्तर पर असंतोष और सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती

कांग्रेस के लिए भी ये चुनाव काफी अहम हैं। पार्टी के सामने शहरी क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की चुनौती है। बेहतर प्रदर्शन कांग्रेस को यह संदेश देने का मौका देगा कि वह विपक्ष के तौर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को मजबूत कर सकती है।

मतदान प्रतिशत में भी दिखा अंतर

नगरीय निकाय चुनाव के दोनों चरणों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला। पहले चरण में करीब 76.42 प्रतिशत, जबकि दूसरे चरण में करीब 70.68 प्रतिशत मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है।

दोनों चरणों के मतदान प्रतिशत में अंतर से यह संकेत मिलता है कि अलग-अलग शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं का रुझान एक जैसा नहीं रहा। अब राजनीतिक दल इन आंकड़ों को अपने-अपने पक्ष में पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

तीसरे मोर्चे के दल बिगाड़ सकते हैं समीकरण

कई क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य दल भी मुकाबले में हैं। वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP), मत्स्य क्षेत्र में BSP, मारवाड़ में RLP, शेखावाटी में CPI(M) और कुछ क्षेत्रों में AAP की मौजूदगी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।

कई निकायों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहने की संभावना है। ऐसे में तीसरे दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले वोट बोर्ड गठन के समीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

14 सितंबर को साफ होगी तस्वीर

अब मतदान के बाद EVM को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम घोषित होंगे। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि शहरी राजस्थान में किस पार्टी को बढ़त मिली और किन इलाकों में स्थानीय समीकरणों ने चुनावी तस्वीर बदल दी।