आमेर गाइड हत्याकांड में समझौता, परिवार को 50 लाख की मदद और डेयरी बूथ का आश्वासन; खत्म हुआ धरना

जयपुर के आमेर में पर्यटक गाइड मनीष कुमार सोनी की हत्या के बाद चल रहा धरना प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति के बाद खत्म हो गया। परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य के नाम पर डेयरी बूथ देने का आश्वासन दिया गया है।

आमेर गाइड हत्याकांड में समझौता, परिवार को 50 लाख की मदद और डेयरी बूथ का आश्वासन; खत्म हुआ धरना

जयपुर के आमेर में पर्यटक गाइड मनीष कुमार सोनी की हत्या के बाद चल रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया। प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी। परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और एक सदस्य के नाम पर डेयरी बूथ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद परिजनों ने धरना खत्म कर दिया।

 प्रशासन और परिजनों के बीच बनी सहमति

गाइड की हत्या के बाद आमेर में स्थानीय लोगों और परिजनों ने विरोध जताते हुए धरना शुरू किया था। मामले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परिवार से बातचीत की।

विधायक बालमुकुंद आचार्य और अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद परिवार धरना समाप्त करने के लिए तैयार हुआ। समझौते के तहत 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को डेयरी बूथ देने की बात सामने आई है।

पर्यटकों को रास्ता बताने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक सोमवार को मनीष सोनी मावठा के पास मौजूद थे। इसी दौरान कुछ पर्यटक कार से आमेर किले की ओर जा रहे थे और उन्होंने रास्ते को लेकर जानकारी मांगी।

आरोप है कि मौके पर मौजूद जीप चालक आजम ने पर्यटकों से कहा कि निजी कार को किले तक ले जाने की अनुमति नहीं है और उन्हें जीप से जाने की सलाह दी। हालांकि, मनीष सोनी द्वारा रास्ता बताए जाने के बाद पर्यटक अपनी कार से आगे बढ़ गए।

इसी बात को लेकर गाइड और जीप चालक के बीच विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार कहासुनी के दौरान मामला बढ़ गया और मनीष पर चाकू से हमला किया गया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

आरोपी जीप चालक पुलिस की गिरफ्त में

घटना के बाद पुलिस ने जीप चालक आजम को पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

 हत्या के बाद आमेर में बंद रहा बाजार

गाइड की मौत की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने बाजार बंद करवाकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

लंबे समय तक चले विरोध और बातचीत के बाद अब परिवार की मांगों को लेकर प्रशासन के साथ सहमति बनी है। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।