सीकर में सेना के जवान के अपहरण से हड़कंप, पत्नी से मांगी 10 लाख की फिरौती; करौली तक पहुंची पुलिस जांच
सीकर के खंडेला में छुट्टी पर आए सेना के जवान श्रीराम सिहाग के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। कोचिंग से घर लौटते समय बाइक और हेलमेट मिले, जबकि पत्नी को फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीकर जिले के खंडेला में छुट्टी पर आए सेना के जवान के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 32 वर्षीय श्रीराम सिहाग सोमवार रात कोचिंग से बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान केरपुरा बस स्टैंड के पास कुछ लोगों ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाने की बात सामने आई है। इसके बाद उनके मोबाइल से पत्नी को फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
बाइक और हेलमेट मौके पर मिले
घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। श्रीराम कोचिंग से निकलकर घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनके साथ घटना हुई। बाद में मौके पर उनकी बाइक और हेलमेट पड़े मिले, जिसके बाद आसपास के लोगों ने परिजनों को जानकारी दी।
परिजनों के मुताबिक रात करीब 11:46 बजे श्रीराम के फोन से उनकी पत्नी के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि श्रीराम उनके पास सुरक्षित हैं और जल्द बैंक खाते की जानकारी भेजी जाएगी। इसके बाद 10 लाख रुपये भेजने की मांग की गई और फोन काट दिया गया।
दूसरे फौजी से लेनदेन के विवाद का एंगल
मामले की शुरुआती जांच में पुलिस के सामने पैसों के लेनदेन से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। श्रीराम के भाई शेर सिंह ने एक अन्य सैन्यकर्मी पर संदेह जताया है।
परिजनों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पोस्टिंग के दौरान श्रीराम का करौली जिले के एक अन्य जवान से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। परिवार को आशंका है कि इसी विवाद के चलते उनके अपहरण की साजिश रची गई हो सकती है। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।
2013 में सेना में हुए थे भर्ती
श्रीराम सिहाग वर्ष 2013 में सेना में भर्ती हुए थे और फिलहाल उनकी पोस्टिंग पंजाब में बताई गई है। वह पिछले करीब 3-4 महीने से छुट्टी पर थे और एसआई भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस ने करौली भेजी टीम
थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के मुताबिक श्रीराम के भाई शेर सिंह की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में नाकाबंदी कर जवान की तलाश शुरू की। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर एक पुलिस टीम करौली भी भेजी गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, संदिग्धों की भूमिका और पुराने लेनदेन विवाद समेत अन्य बिंदुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

