चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर राजघाट पर प्रदर्शन ,क्या हटेंगे ज्ञानेश कुमार?
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन तीसरे दिन राजघाट पहुंचा। पुलिस से टकराव नहीं हुआ, लेकिन बड़ा सवाल है—क्या धरना-प्रदर्शन से CEC को हटाया जा सकता है?
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद लंच के बाद बसों से राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। खास बात यह रही कि दिल्ली पुलिस ने इस बार सांसदों को राजघाट जाने से नहीं रोका और किसी तरह का टकराव भी नहीं हुआ।
इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं की पुलिस से झड़प हुई थी और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं 42 पूर्व न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के समर्थन में पत्र जारी कर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर चिंता जताई है। दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जबकि बीजेपी ने विपक्ष पर हार की बौखलाहट में माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
जयपुर और पटना समेत देश के कई हिस्सों में भी इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि क्या इन प्रदर्शनों से चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है? जवाब है—नहीं। केवल धरना-प्रदर्शन से चुनाव आयुक्त को नहीं हटाया जा सकता; उन्हें हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अलग है या वे स्वयं इस्तीफा दे सकते हैं।

