तीन दिन से लापता दो मासूमों के तालाब में मिले शव, परिजनों का फूटा गुस्सा

भीलवाड़ा में तीन दिन से लापता 10 वर्षीय दिव्यांश और 13 वर्षीय रजत के शव पालड़ी तालाब से बरामद हुए। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए धरना दिया।

तीन दिन से लापता दो मासूमों के तालाब में मिले शव, परिजनों का फूटा गुस्सा

राजस्थान के भीलवाड़ा में तीन दिन से लापता दो बच्चों की तलाश का दुखद अंत हुआ। पालड़ी तालाब से 10 वर्षीय दिव्यांश उर्फ डग्गू और 13 वर्षीय रजत के शव बरामद किए गए। बच्चों के शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घर में मातम छा गया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दिया।

रविवार से लापता थे दोनों बच्चे

जानकारी के मुताबिक, दिव्यांश और रजत रविवार दोपहर अपने एक अन्य साथी के साथ साइकिल से निकले थे। दोनों बच्चों के साथ तीसरे साथी के भी सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज की।

जांच के दौरान पुलिस ने तीसरे बच्चे और उसके पिता से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि तीनों पालड़ी तालाब के पास गए थे। तीसरे बच्चे के मुताबिक, दिव्यांश और रजत तालाब में नहाने के लिए उतरे थे, जबकि वह डरकर साइकिल लेकर अकेला घर लौट आया।

तालाब में मिले दोनों बच्चों के शव

तीसरे साथी से मिली जानकारी के बाद पुलिस अधिकारी पालड़ी तालाब पहुंचे। तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े मिले। इसके बाद पानी में तलाश शुरू की गई, जिसमें दोनों बच्चों के शव बरामद हुए।

पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। दोनों शवों को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई बुधवार को होने की बात सामने आई है।

डग्गू की मां और रजत के दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल

बच्चों की मौत की खबर से परिजन टूट गए। दिव्यांश की मां, पिता हेमंत सोनी और उसकी दोनों बहनें बदहवास हो गईं। वहीं रजत का पालन-पोषण करने वाले उसके दादा-दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।

परिजनों के मुताबिक, दोनों बच्चे आपस में काफी घुले-मिले थे और अक्सर साथ खेलते-पढ़ते थे। रविवार को भी वे एक अन्य दोस्त के साथ घर से निकले थे।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर परिजनों ने उठाए सवाल

बच्चों के शव मिलने के बाद अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग जुट गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर तीसरे साथी से समय रहते पूछताछ की जाती तो बच्चों का सुराग पहले मिल सकता था।

इसी नाराजगी को लेकर लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद बच्चों की मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।