‘2008 से ठेकेदारी कर रहा हूं, विकास कार्यों का अनुभव’: सरपंच पद के दावेदार रमेश यादव बोले
कुम्हारिया बॉस पंचायत से सरपंच पद के दावेदार रमेश यादव उर्फ राम ठेकेदार ने PK Times से बातचीत में शिक्षा, बीसलपुर पानी, खेल मैदान, महिला रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अपना विजन बताया।
राजस्थान में ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। सरपंच पद के दावेदार ग्रामीणों के बीच पहुंचकर अपनी योजनाएं और प्राथमिकताएं बता रहे हैं। इसी क्रम में कुम्हारिया बॉस पंचायत से सरपंच पद के दावेदार रमेश यादव उर्फ राम ठेकेदार ने PK Times से विशेष बातचीत की। रमेश यादव ने बताया कि वे वर्ष 2008 से ठेकेदारी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और अपने अनुभव का उपयोग पंचायत के विकास में करना चाहते हैं। उन्होंने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने, युवाओं के लिए खेल मैदान विकसित करने और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने बीसलपुर पेयजल आपूर्ति, जलभराव, सीसीटीवी कैमरे, बुजुर्गों की पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और जैविक खेती को लेकर भी अपनी योजनाएं साझा कीं। पढ़िए PK Times के साथ रमेश यादव की विशेष बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल 1: आप सरपंच पद के दावेदार हैं। कुमारियावास ग्राम पंचायत को विकसित करने के लिए आपकी क्या योजना है?
रमेश यादव: मैं रमेश यादव, जिसे लोग राम ठेकेदार के नाम से भी जानते हैं। मैं कुम्हारिया बॉस ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए जनता के बीच जा रहा हूं। मेरा लक्ष्य है कि हमारी पंचायत एक आदर्श ग्राम पंचायत बने और उसकी अलग पहचान हो। मैं वर्ष 2008 से ठेकेदारी का काम कर रहा हूं। इसी क्षेत्र में मेरा जन्म हुआ और यहीं पला-बढ़ा हूं। गांव के लोगों और यहां की समस्याओं को अच्छी तरह समझता हूं। मुझे विश्वास है कि अगर जनता मुझे अवसर देती है, तो अपने अनुभव और सभी ग्रामीणों के सहयोग से पंचायत में विकास कार्य करवा सकूंगा।
सवाल 2: गांव में सड़क, पानी और जलभराव जैसी समस्याएं हैं। इनके समाधान के लिए आपके पास क्या योजना है?
रमेश यादव: गांव में जलभराव की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। करीब दो वर्ष पहले बारिश के दौरान गांव में पानी भरने की गंभीर स्थिति बन गई थी। हमारे गांव में तलाई वाले बालाजी हनुमान मंदिर की एक सेवा समिति है, जिसका मैं अध्यक्ष हूं। इस समिति से गांव के कई लोग जुड़े हुए हैं और भामाशाह भी सहयोग करते हैं। जब गांव में जलभराव की समस्या आई, तो समिति ने मिलकर नाला बनवाने और पानी की निकासी के लिए काम किया। आगे भी हमारा प्रयास रहेगा कि गांव की समस्याओं का समाधान केवल बातचीत तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर काम हो।
सवाल 3: आपने बालाजी सेवा समिति का जिक्र किया। पंचायत के विकास में इसकी क्या भूमिका हो सकती है?
रमेश यादव: हमारी बालाजी सेवा समिति में गांव के लोग मिल-जुलकर काम करते हैं। समिति के माध्यम से पहले भी सामाजिक और विकास से जुड़े कार्यों के लिए प्रयास किए गए हैं। मेरा मानना है कि गांव के विकास में सभी लोगों का सहयोग जरूरी है। अगर जनता मुझे सरपंच बनने का अवसर देती है, तो पंचायत के कार्य सरकारी व्यवस्था और नियमों के अनुसार होंगे। इसके साथ ही सामाजिक सहयोग और ग्रामीणों की भागीदारी को भी महत्व दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि गांव के लोग मिलकर विकास में योगदान दें।
सवाल 4: युवाओं और बच्चों के भविष्य के लिए आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होगी?
रमेश यादव: मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता शिक्षा रहेगी। हमारे क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार की जरूरत है। कई जगह पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और स्कूलों में बेहतर व्यवस्था हो। इसके अलावा पंचायत स्तर पर एक बड़ा और आधुनिक खेल मैदान विकसित करने की मेरी योजना है। बच्चों और युवाओं को खेलकूद के लिए अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ सकें। मेरी कोशिश होगी कि पंचायत में शिक्षा और खेल दोनों को महत्व मिले।
सवाल 5: क्या आप पंचायत स्तर पर खेल स्टेडियम विकसित करने की योजना रखते हैं?
रमेश यादव: बिल्कुल। मेरी सोच है कि पंचायत स्तर पर एक अच्छा खेल मैदान या स्टेडियम विकसित होना चाहिए। गांव के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पातीं। अगर खेलने के लिए अच्छा मैदान और जरूरी संसाधन उपलब्ध हों, तो वे अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकते हैं। मैं चाहता हूं कि पंचायत के बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिले। इसके लिए संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेकर काम करने का प्रयास करेंगे।
सवाल 6: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा रोजगार को लेकर आपकी क्या योजना है?
रमेश यादव: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा उनका आगे बढ़ना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मैं चाहता हूं कि हमारी पंचायत की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र जैसी सुविधाएं शुरू करने का प्रयास किया जा सकता है। महिलाएं अगर प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू कर सकें, तो उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। इसके अलावा गांव के प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की दिशा में काम करना चाहूंगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
सवाल 7: ग्रामीणों की शिकायत है कि बीसलपुर का पानी नियमित नहीं मिल रहा। इस समस्या को कैसे दूर करेंगे?
रमेश यादव: हमारी पंचायत में बीसलपुर परियोजना से पानी आता है और कई गांवों में पाइपलाइन भी बिछी हुई है। लेकिन कुछ स्थानों पर पाइपलाइन की खराबी या अन्य कारणों से घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। मेरी कोशिश होगी कि जहां पाइपलाइन में समस्या है, उसकी पहचान कर संबंधित विभाग से समाधान करवाया जाए। मैं चाहता हूं कि पंचायत के हर घर तक नल से नियमित पानी पहुंचे। पानी की समस्या लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है, इसलिए इसे प्राथमिकता देना जरूरी है।
सवाल 8: ग्रामीणों का कहना है कि कभी पांच तो कभी दस दिन तक पानी नहीं आता। कर्मचारियों की जवाबदेही कैसे तय करेंगे?
रमेश यादव: जनता के बीच जाने पर हमें भी पानी और बिजली से जुड़ी शिकायतें मिल रही हैं। जहां ऐसी समस्याएं सामने आई हैं, वहां मैंने संबंधित कर्मचारियों और तकनीकी अधिकारियों को जानकारी देने का प्रयास किया है। कुछ स्थानों पर पानी और बिजली की समस्याओं के समाधान के लिए भी संपर्क किया है। अगर मुझे सरपंच बनने का अवसर मिलता है, तो इन समस्याओं पर नियमित रूप से ध्यान दूंगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि पानी की आपूर्ति नियमित हो और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो।
सवाल 9: बुजुर्गों को पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए क्या करेंगे?
रमेश यादव: हमारे गांव के बुजुर्ग हमारे लिए सम्माननीय हैं। कई बार बुजुर्गों की पेंशन दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से अटक जाती है। मेरी कोशिश होगी कि ऐसे लोगों की समस्याओं को समझकर उनके जरूरी दस्तावेज पूरे करवाने में सहायता की जाए। पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और पात्र लोगों को आवेदन करने में सहयोग दिया जाएगा। मैं चाहता हूं कि बुजुर्गों को अपने काम के लिए बार-बार परेशान न होना पड़े।
सवाल 10: पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या योजना है?
रमेश यादव: हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत है। अभी लोगों को इलाज के लिए आसपास के क्षेत्रों, जैसे वाटिका, जाना पड़ता है। मेरी कोशिश होगी कि पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जाए। अगर पंचायत में बेहतर स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा उपलब्ध हो सके, तो ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। इसके लिए हम प्रस्ताव तैयार करवाने और आवश्यक सहयोग जुटाने का प्रयास करेंगे
सवाल 11: क्या पशुपालकों के लिए पशु चिकित्सालय की व्यवस्था भी आपकी प्राथमिकता में रहेगी?
रमेश यादव: बिल्कुल। हमारे ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन भी लोगों की आजीविका से जुड़ा है। मैं चाहता हूं कि पंचायत में पशुओं के इलाज के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो। पशु चिकित्सालय की स्थापना या मौजूदा सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभाग से सहयोग लेने का प्रयास करेंगे। इसके लिए उपयुक्त स्थान और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पर भी काम करना होगा। मेरा मानना है कि गांव के विकास में किसानों और पशुपालकों की जरूरतों को भी महत्व मिलना चाहिए।
सवाल 12: किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की क्या योजना है?
रमेश यादव: मैं चाहता हूं कि हमारी पंचायत में जैविक खेती को बढ़ावा मिले। किसानों को खेती के नए और बेहतर तरीकों की जानकारी मिलनी चाहिए। अगर जनता मुझे सरपंच बनने का अवसर देती है, तो जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करूंगा। कृषि विभाग और विशेषज्ञों के सहयोग से किसानों को प्रशिक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है। मेरा उद्देश्य है कि किसान अपनी खेती को बेहतर बना सकें और उनकी आमदनी बढ़ाने के अवसर विकसित हों।
सवाल 13: अगर आप सरपंच चुने जाते हैं, तो पहले 100 दिनों की कार्ययोजना क्या होगी?
रमेश यादव: मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा होगी। हमारी पंचायत के सरकारी स्कूलों में सुधार की काफी जरूरत है। कुछ स्कूल भवनों की स्थिति खराब है और वहां सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। मैं चाहता हूं कि सबसे पहले स्कूलों की समस्याओं का आकलन किया जाए। इसके बाद संबंधित विभाग, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद से सहयोग लेकर स्कूलों के विकास के लिए प्रयास करेंगे। मेरी कोशिश होगी कि शिक्षा से जुड़े जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। इसके साथ ही पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी काम करेंगे।

