तमिलनाडु में शराब की गुणवत्ता पर सख्ती, सभी डिस्टिलरी में होंगे कड़े क्वालिटी चेक

तमिलनाडु में शराब की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद CM एमके स्टालिन ने सभी डिस्टिलरी में सख्त क्वालिटी चेक के निर्देश दिए हैं। TASMAC शराब की जांच प्रक्रिया पर जानें पूरी जानकारी।

तमिलनाडु में शराब की गुणवत्ता पर सख्ती, सभी डिस्टिलरी में होंगे कड़े क्वालिटी चेक

तमिलनाडु में शराब की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की सभी डिस्टिलरी में सख्त क्वालिटी चेक के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि TASMAC के जरिए बेची जाने वाली शराब में अल्कोहल की मात्रा तय मानकों के अनुरूप हो।

यह फैसला एनारिका एंटरप्राइजेज की 11 तरह की शराब की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाए जाने और अगले ही दिन रोक हटाए जाने के बाद लिया गया है। इस मामले को लेकर शराब की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।

अधिकारियों के मुताबिक, डिस्टिलरी में शराब तैयार होने के बाद उसके सैंपल लिए जाते हैं और सरकारी लैब में जांच के लिए भेजे जाते हैं। टेस्ट सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही बॉटलिंग और बिक्री की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा TASMAC के अधिकारी रिटेल दुकानों से भी रैंडम सैंपल लेकर उनकी जांच कराते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि शराब के लिए 42.8 प्रतिशत अल्कोहल बाय वॉल्यूम का मानक देखा जाता है, जबकि बीयर में सामान्यतः 5 से 8 प्रतिशत और वाइन में 12 से 15 प्रतिशत ABV होता है। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि आधुनिक फूड सेफ्टी मानकों के लिए केवल अल्कोहल प्रतिशत की जांच पर्याप्त नहीं है।