इमरान खान की रिहाई के लिए पाकिस्तान में बड़ा मार्च, इस्लामाबाद की ओर बढ़े PTI समर्थक; सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI ने खैबर पख्तूनख्वा से विरोध मार्च शुरू किया है। इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाकर रास्तों पर कंटेनर लगाए गए हैं।

इमरान खान की रिहाई के लिए पाकिस्तान में बड़ा मार्च, इस्लामाबाद की ओर बढ़े PTI समर्थक; सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद विरोध मार्च शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत से शुरू हुए मार्च में हजारों समर्थकों के शामिल होने का दावा किया गया है। पार्टी की मांग इमरान खान की रिहाई के साथ जेल में उन्हें डॉक्टर और परिवार से मिलने की अनुमति देने की भी है।

 बातचीत नाकाम, फिर सड़कों पर उतरे समर्थक

PTI ने यह मार्च पहले 27 सितंबर को निकालने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार और पार्टी नेतृत्व के बीच बातचीत के लिए इसे 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया। बातचीत से कोई सहमति नहीं बनने के बाद पार्टी ने विरोध मार्च शुरू कर दिया। PTI समर्थक अलग-अलग इलाकों से काफिलों के रूप में आगे बढ़ रहे हैं और उनका लक्ष्य इस्लामाबाद पहुंचना है।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी मार्च जारी रखने की बात कही है। पार्टी की योजना के मुताबिक मार्च खैराबाद तक पहुंचने के बाद आगे की रणनीति तय की जानी है। खैराबाद इस्लामाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर है।

 इस्लामाबाद में रास्तों पर कंटेनर, सुरक्षा बढ़ी

मार्च को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रमुख एंट्री प्वाइंट और रास्तों पर कंटेनर लगाए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई है। इससे कई इलाकों में सामान्य यातायात प्रभावित होने की खबर है।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि सरकार राजधानी में सार्वजनिक सड़कों, हाईवे, इंटरचेंज और सरकारी प्रतिष्ठानों को बाधित करने की अनुमति नहीं देगी। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है।

इमरान खान की रिहाई PTI की सबसे बड़ी मांग

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार सहित कई मामलों में कानूनी कार्यवाही चल चुकी है। खान और PTI इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की सरकार और जांच एजेंसियां आरोपों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती रही हैं।

PTI लगातार इमरान खान को जेल से बाहर लाने की मांग कर रही है। पार्टी उनके स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाती रही है। खास तौर पर उनकी आंख की समस्या के इलाज और डॉक्टर से मुलाकात की मांग को लेकर पार्टी ने सरकार पर दबाव बनाया है।

 परिवार और समर्थकों की गिरफ्तारियों से भी बढ़ा तनाव

PTI की ओर से इमरान खान की बहनों और पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया गया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार खान के परिवार और समर्थकों पर दबाव बना रही है। सरकार की ओर से प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को अलग नजरिए से देखा जाता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ यह मार्च इस्लामाबाद तक पहुंचता है या नहीं और सरकार प्रदर्शनकारियों से किस तरह निपटती है। फिलहाल इमरान खान की रिहाई की मांग ने पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है।