लंच के बाद फिर मार्च की तैयारी? राहुल गांधी EC दफ्तर जा सकते हैं

INDIA गठबंधन ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज किया है। खरगे के लंच के बाद विपक्षी सांसद फिर चुनाव आयोग की ओर मार्च कर सकते हैं।

लंच के बाद फिर मार्च की तैयारी? राहुल गांधी EC दफ्तर जा सकते हैं

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन थमता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को दिल्ली में मार्च और कई घंटे तक चले धरने के बाद बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच बैठक की। इसके बाद गठबंधन की ओर से आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसद एक बार फिर चुनाव आयोग की ओर मार्च कर सकते हैं।

मंगलवार को क्या हुआ था?

दरअसल, 6 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर के पास धरना दिया।

काफी देर चले विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

खरगे के लंच में जुटे विपक्षी नेता

बुधवार को मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली के जनपथ स्थित रेस्तरां में लंच बैठक बुलाई। बैठक में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कई दलों के नेता शामिल हुए। इसका मकसद आगे की रणनीति पर चर्चा करना और मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के लिए पत्र देने की तैयारी करना बताया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसदों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का अनुरोध करने वाला पत्र भी तैयार किया जा रहा है।

क्या फिर EC दफ्तर जाएंगे राहुल गांधी?

लंच बैठक के बाद विपक्ष की ओर से एक और मार्च की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी समेत सभी नेता कब और किस तरीके से चुनाव आयोग की ओर जाएंगे।

मंगलवार के घटनाक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस पहले ही विपक्षी सांसदों के मार्च को रोक चुकी है।

चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच क्या है विवाद?

INDIA गठबंधन का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर है। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

वहीं, चुनाव आयोग ने मंगलवार के घटनाक्रम पर कहा था कि उसे शाम 4 बजे तक विपक्षी दलों की ओर से मुलाकात के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था। आयोग के मुताबिक, बाद में संसद परिसर में मुलाकात की बात सामने आई, जिसे उसने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं बताया।

कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि वे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।