क्या निकाय चुनाव की हार से कांग्रेस ने लिया सबक? पंचायत चुनाव से पहले दिग्गज एक मंच पर
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने रणनीति तेज कर दी है। गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली समेत दिग्गज नेताओं ने चुनावी तैयारियों पर मंथन किया।
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपनी रणनीति को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। जयपुर स्थित कांग्रेस वार रूम में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत पार्टी के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए।
हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस की चिंता बढ़ाई है। वोटों के आंकड़ों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बड़ा अंतर नहीं रहा, लेकिन बीजेपी ज्यादा निकायों में बोर्ड बनाने में सफल रही। ऐसे में कांग्रेस पंचायत चुनाव में निकाय चुनाव जैसी स्थिति दोहराना नहीं चाहती। पार्टी ने समय पर टिकट वितरण, स्थानीय चेहरों को प्राथमिकता, संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और एकजुट होकर चुनाव लड़ने पर जोर दिया है।
निकाय चुनाव में सामने आई क्रॉस वोटिंग और संगठनात्मक शिकायतों की जांच के लिए कांग्रेस ने समिति भी बनाई है। वहीं पार्टी पंचायत चुनाव से पहले निष्पक्ष चुनाव और पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठा रही है। अब असली चुनौती इन बैठकों में बनी एकजुटता को जमीन पर उतारने की है। सवाल यही है कि गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली जैसे दिग्गज नेता क्या चुनावी मैदान में सक्रिय होकर गांव-गांव और चौपाल तक पहुंचेंगे, और क्या कांग्रेस निकाय चुनाव की कमजोरियों से सबक लेकर पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी?

