पंचायत चुनाव से पहले लागू हुए 10 सख्त नियम, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन ने लाउडस्पीकर, हथियार, सोशल मीडिया, विजय जुलूस और प्रचार समेत 10 नियम लागू किए हैं।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए कई प्रतिबंध लागू किए हैं। आचार संहिता के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश से लेकर चुनाव प्रचार, लाउडस्पीकर, हथियारों और सोशल मीडिया तक के लिए नियम तय किए गए हैं।
इन आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। आइए जानते हैं पंचायत चुनाव के दौरान लागू प्रमुख 10 नियम।
1. सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक
चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिले में तैनात सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। विशेष परिस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी या उप जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा।
2. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद
चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। दिन में भी निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा।
3. प्रचार वाहन और सभा के लिए अनुमति जरूरी
चुनावी प्रचार के लिए वाहनों में लाउडस्पीकर लगाने, सार्वजनिक सभा या जुलूस निकालने से पहले संबंधित SDM से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति प्रचार करने पर कार्रवाई हो सकती है। प्रचार वाहनों से जुड़ा खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में भी जोड़ा जाएगा।
4. BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए ग्रामीण इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, तलवार, लाठी या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर रोक रहेगी।
5. सरपंच उम्मीदवारों को सीमित समय में प्रचार
चुनाव प्रक्रिया में सरपंच पद के उम्मीदवारों को नामांकन वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद प्रचार के लिए सीमित समय मिलेगा। उपलब्ध आदेश के अनुसार यह अवधि करीब 24 घंटे रखी गई है। इसका उद्देश्य चुनावी खर्च और धनबल के प्रभाव को सीमित करना बताया गया है।
6. जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक
चुनाव परिणाम आने के बाद विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। सरपंच, उप सरपंच, वार्ड पंच समेत विजयी उम्मीदवार या उनके समर्थक जीत के बाद जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जा सकती है।
7. हथियारों के प्रदर्शन पर सख्ती
चुनाव के दौरान हथियारों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। बिना अनुमति रैली या सभा करने पर भी कार्रवाई हो सकती है।
8. सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रशासन की नजर
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी। भड़काऊ भाषण, धार्मिक या जातिगत आधार पर विवाद पैदा करने वाली पोस्ट अथवा संदेश साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा बिना अनुमति किसी की निजी संपत्ति पर पोस्टर या बैनर लगाने पर भी रोक रहेगी।
9. मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल पर रोक
मतदान के दिन मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मतदाताओं को निजी वाहनों से मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने जैसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
10. मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे
चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन संबंधित क्षेत्र में ड्राई डे रहेगा। इस दौरान शराब की बिक्री और दुकानें बंद रहेंगी। अवैध शराब की बिक्री पर पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
पंचायत चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्तर पर निगरानी की जा रही है। उम्मीदवारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को भी चुनाव संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।
चुनाव के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

