बगरू स्कूल विवाद में नया मोड़: CJP कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों की FIR, दोनों पक्षों के आरोप
जयपुर के बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर विवाद थाने पहुंच गया। ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं पर धमकी और मारपीट के आरोप लगाए हैं।
जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। मामले में ग्रामीणों की ओर से CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिवदासपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं पर धमकी देने, मारपीट करने और गांव का माहौल बिगाड़ने जैसे आरोप लगाए हैं।
स्कूल निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, CJP कार्यकर्ता सरकारी स्कूल का सोशल ऑडिट और निरीक्षण करने के लिए गांव पहुंचे थे। CJP की ओर से इसे स्कूल की बदहाल स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश बताया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने इस निरीक्षण के तरीके का विरोध किया और मौके पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों तथा CJP कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की बात सामने आई। इस दौरान CJP कार्यकर्ताओं के वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय भाजपा विधायक कैलाश वर्मा के साथ शिवदासपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दी। ग्रामीणों का आरोप है कि CJP कार्यकर्ताओं ने गांव में आकर लोगों के साथ अभद्रता की, धमकी दी और माहौल खराब करने की कोशिश की।
इसी शिकायत के आधार पर CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
CJP ने भी लगाया हमला करने का आरोप
वहीं, CJP ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम पर अपना अलग पक्ष रखा है। CJP नेताओं आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाने पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उनकी टीम के साथ मारपीट की।
CJP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि राजनीतिक समर्थकों और ग्रामीणों ने मिलकर उनकी टीम को मौके से जाने के लिए मजबूर किया तथा वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
अब दोनों पक्ष आमने-सामने
बगरू का यह विवाद अब सिर्फ स्कूल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है, तो दूसरी तरफ CJP अपने कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले को लेकर सवाल उठा रही है।
मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल बगरू का यह मामला राजस्थान की स्थानीय राजनीति और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा में आ गया है।

