निकाय चुनाव के बाद BJP का बड़ा जनसंपर्क अभियान, 17 सितंबर से राजस्थान में ‘सेवा संकल्प’ की शुरुआत
राजस्थान में भाजपा 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प महाअभियान’ शुरू करेगी। एक महीने के अभियान में युवा, महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुड़ेंगे। ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सेवा सेतु’ प्रमुख कार्यक्रम होंगे।
राजस्थान में निकाय चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर जनसंपर्क और जनभागीदारी अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी की ओर से 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प महाअभियान’ चलाया जाएगा, जो करीब एक महीने तक जारी रहेगा। इस अभियान के जरिए भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और 25 साल के राजनीतिक सफर को लोगों तक पहुंचाने के साथ सरकार की योजनाओं और सेवा कार्यों को भी जन-जन तक ले जाने की तैयारी में है।
भाजपा ने इस अभियान को सिर्फ राजनीतिक संवाद तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग वर्गों की भागीदारी से जोड़ने की रणनीति बनाई है। पार्टी का खास फोकस जेन-जी यानी युवा पीढ़ी पर रहेगा। इसके लिए तकनीक, शोध और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान में सीधे भागीदारी का अवसर मिल सके।
युवाओं के लिए होगा ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’
अभियान का एक प्रमुख आकर्षण ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ होगा। इसके माध्यम से युवाओं को अपने क्षेत्र की समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान के लिए तकनीक व नवाचार आधारित मॉडल और सुझाव प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा।
भाजपा का उद्देश्य युवाओं को केवल अभियान का हिस्सा बनाना नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर समाधान देने वाले भागीदार के रूप में जोड़ना है। इसके जरिए पार्टी युवा वर्ग के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश करेगी।
राजस्थान में सात सदस्यीय टीम संभालेगी अभियान
‘सेवा संकल्प महाअभियान’ को राजस्थान में प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए भाजपा ने एक समिति गठित की है। इस टीम में प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेश शर्मा और पार्टी प्रवक्ता नम्रता सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
यह समिति प्रदेश में अभियान की गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने से लेकर उनके क्रियान्वयन और निगरानी तक की जिम्मेदारी संभालेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक पहुंचेगी भाजपा
अभियान में महिला एवं बाल विकास से जुड़े वर्ग को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। पार्टी के अनुसार देशभर में 14 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक पहुंचने की योजना है। इसके लिए ‘आंगनबाड़ी सम्मान’ और ‘मातृ संवाद’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सामने लाने और महिलाओं तथा माताओं के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों के लिए ‘सेवा सेतु’
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम होगा। इसके तहत ऐसे लोगों की पहचान करने पर जोर दिया जाएगा, जो सरकारी योजनाओं के पात्र हैं, लेकिन किसी कारणवश अभी तक उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।
इसके लिए ब्लॉक स्तर पर करीब 15 दिनों तक संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। पात्र लोगों को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा का दावा है कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जरूरतमंद लोगों के बीच मौजूद दूरी को कम करना है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
‘सेवा’ के जरिए जनभागीदारी पर जोर
पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे अभियान को ‘सेवा की भावना’ और जनभागीदारी से जोड़ने की रणनीति तैयार की है। भाजपा की कोशिश है कि अभियान के दौरान समाज के अलग-अलग वर्गों से सीधा संवाद स्थापित किया जाए और उन्हें विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाए।
निकाय चुनावों के बाद शुरू होने वाला यह अभियान भाजपा के लिए राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। युवा, महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को जोड़कर पार्टी प्रदेश में अपने जनसंपर्क नेटवर्क को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।
17 सितंबर से शुरू होकर एक महीने तक चलने वाले इस महाअभियान में प्रदेशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अब देखना होगा कि भाजपा की यह ‘सेवा सेतु’ और युवा-केंद्रित रणनीति जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

