अनुसुइया गोस्वामी बनीं कोटा की मेयर, BJP को 65 वोट; कांग्रेस को मिले 35
भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी कोटा की नई मेयर चुनी गईं। उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।
कोटा नगर निगम को नया महापौर मिल गया है। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी मेयर चुनी गई हैं। शुक्रवार 25 सितंबर को हुए मतदान में उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।
अनुसुइया गोस्वामी को मिले 65 वोट
कोटा नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस की सुनीता सुमन के बीच मुकाबला था। मतदान के बाद हुई मतगणना में अनुसुइया गोस्वामी के खाते में 65 वोट आए।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। इस तरह अनुसुइया गोस्वामी कोटा नगर निगम की नई मेयर चुनी गईं।
BJP के 57 पार्षद, फिर 65 वोट कैसे मिले?
कोटा नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं। चुनाव से पहले भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और 4 निर्दलीय पार्षदों का आंकड़ा था। मतदान से पहले दो निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन की बात कही थी।
इस हिसाब से भाजपा के पास 59 वोट का घोषित आंकड़ा था, लेकिन अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के 39 पार्षदों के मुकाबले उसकी प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।
इन आंकड़ों के आधार पर 6 वोट भाजपा के घोषित संख्याबल से अधिक और कांग्रेस के आंकड़े से 4 वोट कम रहे। हालांकि, मतदान गुप्त होने के कारण यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा जा सकता कि किस पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया।
नतीजों के गणित से क्रॉस वोटिंग के संकेत
मतदान के नतीजों में दोनों दलों के घोषित संख्याबल और उम्मीदवारों को मिले वोटों में अंतर दिखाई दिया। इसी आधार पर राजनीतिक तौर पर क्रॉस-वोटिंग की चर्चा हो रही है।
भाजपा के 57 पार्षदों के साथ दो निर्दलीयों का समर्थन जोड़ने पर आंकड़ा 59 बनता था, जबकि पार्टी प्रत्याशी को 65 वोट मिले। दूसरी ओर कांग्रेस के 39 पार्षदों में से उसकी प्रत्याशी को 35 वोट मिले।
हालांकि, गुप्त मतदान होने के कारण किसी विशेष पार्षद के क्रॉस वोट करने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
चुनाव से पहले दोनों दलों ने की थी पार्षदों की बाड़ेबंदी
मेयर चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षदों को एक साथ रखने की रणनीति अपनाई थी। कोटा में भाजपा पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर एकत्र करने के बाद मतदान के लिए निगम तक लाया गया था।
कोटा नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे तक चला। इसके बाद मतगणना की गई। यह चुनाव पहले वार्डों में EVM से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण तय कार्यक्रम से आगे बढ़ा था।
कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए थे पक्षपात के आरोप
मतदान से पहले कांग्रेस की ओर से प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि उनके पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए थे।
मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिलने के साथ कोटा नगर निगम के मेयर पद का परिणाम सामने आ गया है।
कौन हैं अनुसुइया गोस्वामी?
अनुसुइया गोस्वामी भाजपा की ओर से वार्ड 98 की पार्षद हैं। पार्टी ने उन्हें कोटा नगर निगम के मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया था। चुनाव से पहले उनके नाम की घोषणा अंतिम चरण में हुई थी।
अब 65 वोट हासिल करने के बाद वह कोटा नगर निगम की मेयर चुनी गई हैं।

