Pawan Khera का मोदी सरकार पर हमला, बोले- ‘टूलकिट और सरकार दोनों की एक्सपायरी डेट खत्म हो गई’
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर विपक्ष के सवालों से बचने का आरोप लगाया। राम मंदिर ट्रस्ट, छात्र आंदोलन और सरकार की जवाबदेही को लेकर भी निशाना साधा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन व राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष की ओर से सदन में उठाए जा रहे सवालों को लेकर सरकार पर जवाब देने से बचने का आरोप लगाया। पवन खेड़ा ने कहा कि देश के लोगों के मन में जो सवाल हैं, उन्हें विपक्ष संसद के माध्यम से उठा रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष इन सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहा है।
पवन खेड़ा ने यह बयान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठा रहा है और सरकार से जवाब मांग रहा है।
‘राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे’
पवन खेड़ा ने राम मंदिर ट्रस्ट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया और उसमें अपने करीबी लोगों को शामिल किया। खेड़ा ने कहा कि यदि मंदिर में चढ़ावे को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी या चोरी सामने आती है, तो प्रधानमंत्री से सवाल पूछे जाएंगे।
हालांकि, ये आरोप पवन खेड़ा की ओर से लगाए गए हैं और उन्होंने इनके आधार पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की।
‘टूलकिट से मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश’
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने के लिए कथित तौर पर ‘टूलकिट’ का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पवन खेड़ा ने इसी संदर्भ में सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जिस ‘टूलकिट’ के जरिए सरकार विपक्ष के सवालों से बचने की कोशिश कर रही है, उसकी भी अब कोई प्रभावशीलता नहीं बची है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘टूलकिट और सरकार दोनों की एक्सपायरी डेट खत्म हो गई है।’
छात्रों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
पवन खेड़ा ने छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी छात्रों से मिल रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस नेता छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, तो केंद्र सरकार का कोई मंत्री जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने क्यों नहीं पहुंचा।
खेड़ा ने कहा कि झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह छात्रों और युवाओं से बातचीत कर रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार के किसी मंत्री के छात्रों से मिलने नहीं जाने को लेकर सवाल उठता है।
‘आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश का आरोप’
कांग्रेस नेता ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को आसपास के राज्यों से झारखंड में लाया गया, ताकि शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाया जा सके।
उन्होंने इसे एक अहिंसक आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
‘PM और गृह मंत्री सदन में नहीं आना चाहते’
पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता संसद में आकर विपक्ष के सवालों का सामना नहीं करना चाहते।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जिन मुद्दों को सदन में उठा रहा है, उनके सामने आने के डर से सरकार जवाब देने से बच रही है। खेड़ा ने केंद्र सरकार से सवालों का सामना करने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की मांग की।
राहुल गांधी के छात्रों से संवाद को बनाया मुद्दा
पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी छात्रों के बीच जाकर उनकी मांगों और समस्याओं को जान रहा है।
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद एक बार फिर छात्रों के मुद्दे, केंद्र सरकार की जवाबदेही और विपक्ष की रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। वहीं, पवन खेड़ा के आरोपों पर केंद्र सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस राजनीतिक टकराव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

