Jaipur E-Bus: जयपुर में शुरू हुआ ई-बसों का नया दौर, CM भजनलाल ने 16 बसों को दिखाई हरी झंडी; राजस्थान को मिलेंगी 1000 और
जयपुर में PM ई-बस सेवा के तहत 16 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू हुईं। CM भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। राजस्थान को अब तक 110 ई-बसें मिल चुकी हैं।
जयपुर। राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 16 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों को जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज (JCTS) के बेड़े में शामिल किया जाएगा। नई ई-बसों के सड़कों पर उतरने से शहर में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव रवि जैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर को मिलीं 16 नई इलेक्ट्रिक बसें
पीएम ई-बस सेवा के तहत शुरू की गई इन 16 बसों को राजधानी की शहरी परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। सरकार का फोकस सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि यात्रियों को सुविधाजनक और नियमित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर भी है।
जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है।

राजस्थान में अब तक 110 ई-बसें
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, राजस्थान को पीएम ई-बस सेवा के तहत अब तक 110 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं। आने वाले समय में प्रदेश को करीब 1000 और ई-बसें मिलने की योजना है।
इस विस्तार के बाद राजस्थान के अलग-अलग शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार की योजना प्रदेश के सभी सात संभागों में ई-बस सेवा का विस्तार करने की दिशा में काम करने की है।
यानी आने वाले समय में ई-बस सेवा का दायरा केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में भी इसका विस्तार किया जा सकता है।
सिर्फ बसें बढ़ाना नहीं, फेरे भी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सार्वजनिक परिवहन को प्रभावी बनाने के लिए सिर्फ नई बसें सड़कों पर उतारना पर्याप्त नहीं है। यात्रियों की जरूरत के अनुसार बसों के फेरे बढ़ाना भी जरूरी है।
जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक और यात्रियों की संख्या को देखते हुए सरकार बसों के बेहतर संचालन पर जोर दे रही है। कोशिश है कि प्रमुख रूटों पर यात्रियों को बस के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े और सार्वजनिक परिवहन ज्यादा सुविधाजनक बने।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा मजबूत
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद अहम है। सरकार की ओर से बसों के साथ-साथ जरूरी चार्जिंग सुविधाएं और अन्य संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। ऐसे में आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ने के साथ परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी फोकस रहेगा।
छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य शहरी परिवहन व्यवस्था को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने का नहीं है। मुख्यमंत्री ने दूर-दराज के कस्बों और शहरों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दिया।
सरकार का मानना है कि मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से लोगों की आवाजाही आसान होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे ट्रैफिक दबाव कम करने के साथ पर्यावरण को लेकर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
CM भजनलाल बोले- जनता से किए वादे पूरे करना प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जयपुर में 16 नई ई-बसों की शुरुआत के बाद अब इनके संचालन और रूट को लेकर यात्रियों की नजर रहेगी। वहीं, राजस्थान के लिए करीब 1000 और ई-बसों की योजना आने वाले समय में प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का दायरा काफी बढ़ा सकती है।

