जयपुर में गणेश चतुर्थी की धूम: मोती डूंगरी गणेशजी के 19 घंटे से ज्यादा दर्शन, स्वर्ण मुकुट से सजा दरबार

जयपुर में गणेश चतुर्थी पर मोती डूंगरी समेत प्रमुख गणेश मंदिरों में विशेष पूजा, श्रृंगार और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। मोती डूंगरी मंदिर में सुबह 5 बजे से रात 11:40 बजे तक दर्शन, 72 CCTV से निगरानी और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

जयपुर में गणेश चतुर्थी की धूम: मोती डूंगरी गणेशजी के 19 घंटे से ज्यादा दर्शन, स्वर्ण मुकुट से सजा दरबार

जयपुर में गणेश चतुर्थी के मौके पर सोमवार को गणपति जन्मोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। कहीं भगवान गणेश का स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया है तो कहीं विशेष पोशाक और छप्पन भोग की तैयारियां की गई हैं। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में तो श्रद्धालुओं को सुबह की मंगला आरती से लेकर रात की शयन आरती तक लगातार दर्शन का अवसर मिलेगा।

सुबह 5 बजे से शुरू हुए दर्शन, रात 11:40 बजे तक खुलेगा दरबार

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हो गए। मंदिर में रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन जारी रहेंगे। यानी गणेश भक्तों के लिए आज 19 घंटे से ज्यादा समय तक भगवान गणेश के दर्शन की व्यवस्था रहेगी।

गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर मोती डूंगरी गणेशजी का आकर्षक श्रृंगार किया गया है। भगवान को राजशाही पोशाक, स्वर्ण मंडित मुकुट और आभूषण पहनाए गए हैं। विशेष श्रृंगार के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था भी मजबूत की गई है।

72 CCTV से निगरानी, 14 लाइन में श्रद्धालुओं की आवाजाही

मोती डूंगरी मंदिर में भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकासी की अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए 6 एंट्री लाइन और 8 एग्जिट लाइन निर्धारित की गई हैं। एक अलग लाइन एंट्री पास से जुड़ी व्यवस्था के लिए रखी गई है।

सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर में 6 DFMD और 6 HSMD लगाए गए हैं। इसके अलावा 72 नए CCTV कैमरों के जरिए पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 100 ई-रिक्शा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें और करीब 500 स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।

नहर गणेशजी का डेढ़ महीने में तैयार हुआ खास श्रृंगार

ब्रह्मपुरी पावर हाउस के पीछे माउंट रोड स्थित नहर के गणेशजी मंदिर में भी तीन दिवसीय गणेश जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। यहां 13 से 15 सितंबर तक विशेष आयोजन होंगे।

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को विशेष पोशाक पहनाई गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस पोशाक को तैयार करने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। दिनभर विशेष पूजा-अर्चना के बाद शाम को महाआरती, भजन और आतिशबाजी का कार्यक्रम रखा गया है।

परकोटा गणेश मंदिर में पंचामृत अभिषेक, सोने के वर्क से श्रृंगार

चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में भी गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत मंगला आरती के साथ हुई। भगवान गणेश का पंचामृत अभिषेक कराया गया और इसके बाद सोने के वर्क से विशेष श्रृंगार किया गया।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। दिनभर भजन-कीर्तन होंगे और शाम को दीपकों से महाआरती की जाएगी। मंदिर परिसर को फूलों, लाइटिंग और बंदरवाल से सजाया गया है।

गणेश चतुर्थी पर शहर में बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव

गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव भी बढ़ सकता है। खासतौर पर मोती डूंगरी, एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और परकोटा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। श्रद्धालुओं को प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी व्यवस्थाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।

15 सितंबर को नगर भ्रमण पर निकलेंगे मोती डूंगरी गणेशजी

गणेश जन्मोत्सव का समापन 15 सितंबर को मोती डूंगरी गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ होगा। शोभायात्रा मोती डूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी।

इससे पहले आज गणेश चतुर्थी पर जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह का संगम देखने को मिल रहा है। सुबह की आरती से शुरू हुआ गणपति उत्सव देर रात तक चलेगा और शहर के मंदिरों में विशेष पूजा, श्रृंगार और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।