राजस्थान निकाय चुनाव रिजल्ट: आज खुलेगा 35 हजार उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा, अब सभापति-अध्यक्ष पद पर नजर
Rajasthan Nikay Chunav Result 2026: राजस्थान की 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम आज सामने आएंगे। 35 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा, जबकि नतीजों के बाद बोर्ड गठन और निर्दलीय पार्षदों को लेकर सियासी जोड़-तोड़ तेज होगी।
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव का आज फैसला होगा। 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम सामने आएंगे और 35 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुई वोटिंग के बाद अब निगाहें मतगणना और उसके बाद शुरू होने वाली राजनीतिक जोड़-तोड़ पर टिक गई हैं।
दो चरणों में हुई थी वोटिंग
राजस्थान के शहरी निकायों में दो चरणों में मतदान कराया गया था। पहले चरण में 162 निकायों में 76.41 फीसदी मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 147 निकायों में 71.69 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
अब मतगणना के साथ ही वार्डवार तस्वीर साफ होगी और यह पता चलेगा कि किस दल और प्रत्याशी को जनता का समर्थन मिला।
रिजल्ट के बाद शुरू होगी असली सियासी परीक्षा
पार्षदों के नतीजे आने के बाद सभापति और अध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलेंगे। बहुमत के आंकड़े और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका कई निकायों में अहम हो सकती है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने प्रत्याशियों और संभावित समर्थक पार्षदों की बाड़ेबंदी पहले से शुरू कर रखी है। ऐसे में चुनाव परिणाम के साथ ही बोर्ड बनाने की कवायद भी तेज होने वाली है।
पहले चरण में 27 नगर परिषदों में मतदान
पहले चरण में चौमूं, शाहपुरा, बाड़मेर, जैसलमेर, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, करौली, कुचामनसिटी, डीडवाना, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, झालावाड़, बूंदी, बारां, जालोर, झुंझुनूं, फतेहपुर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, कोटपूतली, ब्यावर और नागौर नगर परिषदों में मतदान हुआ था।
दूसरे चरण में 20 नगर परिषदों में वोटिंग
दूसरे चरण में किशनगढ़, पुष्कर, टोंक, बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, सीकर, सिरोही, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, लालसोट, डीग, बालोतरा, फलोदी और सलूंबर नगर परिषदों में मतदान कराया गया।
आज सिर्फ नतीजे नहीं, बोर्ड की तस्वीर भी बनेगी
मतगणना के साथ ही सिर्फ जीत-हार का हिसाब नहीं खुलेगा, बल्कि आने वाले दिनों में नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की सत्ता किसके हाथ जाएगी, उसका गणित भी बनना शुरू हो जाएगा। अब नजरें पार्षदों के आंकड़ों के साथ उन निर्दलीय चेहरों पर भी रहेंगी, जो कई जगह बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

