ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर AISA का प्रदर्शन, योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा लोग हिरासत में

CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर AISA ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए।

ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर AISA का प्रदर्शन, योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा लोग हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही बैरिकेडिंग के पास रोक दिया गया।

जंतर-मंतर पर AISA ने किया प्रदर्शन

AISA की दिल्ली इकाई की ओर से आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शन में योगेंद्र यादव, वकील प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज, आरजेडी सांसद मनोज झा और CPI(ML) Liberation के दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई लोग शामिल हुए।

जंतर-मंतर से करीब 150 मीटर पहले रोका गया

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी। उन्हें करीब 150 मीटर पहले बैरिकेडिंग पर रोक दिया गया और इसके बाद हिरासत में लिया गया।

योगेंद्र यादव समेत 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध

AISA का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है।

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

ECI ने फैसलों को बताया सर्वसम्मत

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा है कि आयोग में अलग-अलग विचार सामने आना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है और पिछले एक साल में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। आयोग ने 14 नोट्स के अस्तित्व से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्हें निर्णय प्रक्रिया में दिए गए सुझावों के तौर पर बताया।

प्रदर्शन में कई प्रमुख लोग हुए शामिल

AISA के प्रदर्शन में संगठन की अध्यक्ष नेहा के अलावा योगेंद्र यादव, मनोज झा, दीपांकर भट्टाचार्य, प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नंदिता नारायण सहित कई लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर अपनी मांगें रखीं। इस बीच पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के पास रोके जाने के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया।