आज से जयपुर में गूंजेगा गणपति का जयकारा, मोती डूंगरी मंदिर में 9 दिन उत्सव; 3000 किलो मोदकों की झांकी खास
जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 7 से 15 सितंबर तक नौ दिवसीय गणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 9 सितंबर को 3000 किलो मोदकों की झांकी, 14 सितंबर को गणपति जन्मोत्सव और 15 सितंबर को भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रहेगी।
गुलाबी नगरी आज से गणपति भक्ति में रंगने जा रही है। जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सोमवार, 7 सितंबर से गणेश जन्मोत्सव का नौ दिवसीय महोत्सव शुरू होगा। 15 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में रोजाना धार्मिक अनुष्ठान, विशेष श्रृंगार और भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर में सबसे खास आयोजनों की धूम रहेगी, वहीं 3 हजार किलो मोदकों की झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने वाली है।
मंदिर प्रशासन की ओर से महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फूलों और रोशनी से मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है। गणपति जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जयपुर पहुंचने की संभावना है।
आज से शुरू, 15 सितंबर तक चलेगा उत्सव
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत आज 7 सितंबर से होगी। अगले नौ दिनों तक मंदिर में अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार और दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
गणेशोत्सव के चलते मंदिर परिसर के साथ आसपास के क्षेत्र में भी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलेगा।
9 सितंबर को दिखेगी 3000 किलो मोदकों की झांकी
इस बार महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 9 सितंबर को देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर में करीब 3000 किलो मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी।
इसमें 251-251 किलो के दो विशाल मोदक विशेष रूप से तैयार किए जाएंगे। विशाल मोदकों के साथ सजाई जाने वाली यह झांकी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी।
13 सितंबर को सिंजारा, चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे गणपति
गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले 13 सितंबर को मंदिर में पारंपरिक सिंजारा उत्सव होगा। इस मौके पर गणपति महाराज चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
सिंजारा आयोजन के लिए करीब 3500 किलो मेहंदी का इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है। पारंपरिक रंग और धार्मिक आस्था से जुड़ा यह आयोजन महोत्सव की खास झलक पेश करेगा।
14 सितंबर सबसे खास, मनाया जाएगा गणपति जन्मोत्सव
गणेश जन्मोत्सव का मुख्य पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक, हवन और भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। भक्तों की सुविधा को देखते हुए इस दिन दर्शन की अवधि भी सामान्य दिनों के मुकाबले काफी लंबी रखी जाएगी।
19 घंटे से ज्यादा खुले रहेंगे दर्शन
गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं को लंबे समय तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर में 19 घंटे से अधिक समय तक दर्शन की व्यवस्था रहने की जानकारी सामने आई है।
इसके बाद 15 सितंबर को नौ दिवसीय महोत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शाम 4 बजे गणपति महाराज की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली यात्रा में जगह-जगह भक्तों की ओर से पुष्पवर्षा कर बप्पा का स्वागत किया जाएगा।
जयपुर में आज से उत्सव का माहौल
मोती डूंगरी गणेश मंदिर का गणेश जन्मोत्सव हर साल जयपुर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल रहता है। इस बार नौ दिनों तक होने वाले कार्यक्रमों में विशेष झांकियां, धार्मिक अनुष्ठान और भव्य आयोजन श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।
आज से मंदिर में गणपति के जयकारों के साथ शुरू होने वाला यह उत्सव 15 सितंबर की शोभायात्रा के साथ संपन्न होगा। इस दौरान जयपुर में भक्ति, उत्साह और उत्सव का खास रंग देखने को मिलेगा।

