चुनावी शोर पर लगेगा ब्रेक, 48 घंटे बाद EVM में कैद होगा वोटर का फैसला; जानें पूरा शेड्यूल
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा। पहले चरण के लिए 7 सितंबर शाम 6 बजे और दूसरे चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6 बजे प्रचार थम जाएगा, जिसके बाद 48 घंटे तक सार्वजनिक प्रचार पर रोक रहेगी।
राजस्थान के शहरों में पिछले कई दिनों से चल रहा चुनावी घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। उम्मीदवारों ने घर-घर संपर्क से लेकर सभाओं और जनसंपर्क अभियानों तक पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन अब प्रचार के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है। जल्द ही शहरों की गलियों में चुनावी माइक बंद होंगे और उसके बाद 48 घंटे तक उम्मीदवारों को जनता को लुभाने का कोई सार्वजनिक मौका नहीं मिलेगा।
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव कराया जा रहा है। मतदान दो चरणों में होगा। पहला चरण 9 सितंबर और दूसरा चरण 11 सितंबर को है। दोनों दिन सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। चुनावी नतीजे 14 सितंबर को मतगणना के बाद सामने आएंगे।
पहले चरण वाले इलाकों में 7 सितंबर को थमेगा प्रचार
9 सितंबर को जिन निकायों में मतदान होना है, वहां चुनाव प्रचार 7 सितंबर की शाम 6 बजे बंद हो जाएगा। इसके बाद प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के सार्वजनिक प्रचार पर ब्रेक लग जाएगा।
पहले चरण में 162 नगरीय निकायों के 5,425 वार्ड शामिल हैं। अलवर, भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा और जयपुर जिले की 18 स्थानीय निकायों में इसी चरण में मतदान होगा।
यानी इन क्षेत्रों में 7 सितंबर शाम 6 बजे के बाद चुनावी रणनीति अब बंद कमरों और व्यक्तिगत स्तर की तैयारियों तक सीमित रह जाएगी।
जयपुर में 9 सितंबर शाम के बाद सन्नाटा
राजधानी जयपुर समेत कई बड़े शहरों में दूसरे चरण में मतदान होना है। 11 सितंबर को होने वाले इस चरण में 147 नगरीय निकायों के 4,820 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्ड भी दूसरे चरण में हैं। ऐसे में जयपुर में 9 सितंबर की शाम 6 बजे चुनाव प्रचार का आधिकारिक रूप से अंत हो जाएगा।
इसके बाद अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे, क्योंकि इसी अवधि में मतदाता उम्मीदवारों के वादों, स्थानीय मुद्दों और अपने क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला करेगा।
प्रचार बंद होते ही ड्राई डे भी लागू
चुनावी प्रचार पर रोक के साथ संबंधित मतदान क्षेत्रों में ड्राई डे भी लागू रहेगा। पहले चरण वाले क्षेत्रों में 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक शराब की बिक्री और वितरण पर रोक रहेगी।
दूसरे चरण वाले क्षेत्रों में यह अवधि 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक रहेगी।
48 घंटे क्यों होते हैं इतने अहम?
चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद मिलने वाला यह समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान उम्मीदवारों को सार्वजनिक सभाओं, रैलियों और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार की अनुमति नहीं रहती।
मतलब साफ है—अब अंतिम समय में बड़े रोड शो या भाषण से माहौल बदलने का मौका नहीं होगा। चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की जगह मतदाता केंद्र में होगा।
9 और 11 सितंबर को होगा असली मुकाबला
प्रचार की गर्मी खत्म होने के बाद अब बारी मतदान की होगी। 9 सितंबर को पहले चरण के मतदाता वोट डालेंगे, जबकि 11 सितंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा।
सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी। इसके बाद ईवीएम में बंद वोटों का इंतजार 14 सितंबर तक रहेगा।
14 सितंबर को खुलेगा किसकी किस्मत का पिटारा
14 सितंबर को मतगणना के साथ तस्वीर साफ होगी कि किस उम्मीदवार को जनता ने अपना पार्षद चुना और किस पार्टी की रणनीति कामयाब रही।
फिलहाल चुनावी मैदान में सबसे बड़ा सवाल यही है—नेताओं के दावों और उम्मीदवारों के वादों के बीच आखिर स्थानीय वोटर किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाता है?
Rajasthan Nikay Chunav 2026: एक नजर में
**कुल नगरीय निकाय:** 309
**कुल वार्ड:** 10,245
**पहला चरण:** 9 सितंबर
**दूसरा चरण:** 11 सितंबर
**मतदान का समय:** सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक
**पहले चरण का प्रचार:** 7 सितंबर शाम 6 बजे तक
**दूसरे चरण का प्रचार:** 9 सितंबर शाम 6 बजे तक
**मतगणना:** 14 सितंबर

