पंजाब में कांग्रेस का बड़ा दांव! भूपेश बघेल OUT, सचिन पायलट को मिली ‘पंजाब की कमान’

कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए 6 राज्यों के महासचिव प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। सचिन पायलट को पंजाब और भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है, जबकि रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात के साथ कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है।

पंजाब में कांग्रेस का बड़ा दांव! भूपेश बघेल OUT, सचिन पायलट को मिली ‘पंजाब की कमान’
Sachin pilot

पंजाब की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने ऐसा संगठनात्मक फेरबदल किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने पंजाब की जिम्मेदारी अब राजस्थान के दिग्गज नेता सचिन पायलट को सौंप दी है। यानी अब पंजाब में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठन को धार देने की बड़ी जिम्मेदारी पायलट के कंधों पर होगी।

अब तक पंजाब कांग्रेस के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को पार्टी ने असम की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं, सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। चुनावी साल में यह बदलाव कांग्रेस की रणनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

पंजाब के लिए पायलट पर भरोसा, गुजरात में सुरजेवाला

कांग्रेस ने केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि कई राज्यों में अपने संगठनात्मक समीकरण बदले हैं। रणदीप सुरजेवाला को गुजरात और कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है। सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, श्रीवेला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

इनमें पंजाब और गुजरात की नियुक्तियां खास मानी जा रही हैं, क्योंकि दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारकर संगठन को मजबूत करने का संकेत दिया है।

पायलट के सामने बड़ी चुनौती

सचिन पायलट के लिए पंजाब की जिम्मेदारी आसान नहीं होगी। पार्टी के सामने संगठन को एकजुट रखने, जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति को मजबूत करने की चुनौती होगी।

अब बड़ा सवाल यही है कि पायलट पंजाब में कांग्रेस के लिए कितना बड़ा राजनीतिक गेमचेंजर साबित होते हैं?

मुकुल वासनिक की जिम्मेदारी बरकरार

कांग्रेस के आधिकारिक आदेश के मुताबिक मुकुल वासनिक AICC महासचिव के पद पर बने रहेंगे। वहीं पार्टी ने जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर के योगदान की भी सराहना की है।

कुल मिलाकर, चुनाव से पहले कांग्रेस का यह फेरबदल साफ संकेत दे रहा है कि पार्टी पंजाब और गुजरात जैसे चुनावी राज्यों में अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रही है। अब पंजाब में सचिन पायलट की एंट्री कांग्रेस के लिए कितना असरदार दांव साबित होगी, इस पर सबकी नजर रहेगी।