सोना ₹2,800 और चांदी ₹6,000 से ज्यादा टूटी, जानें कीमत गिरने की वजह
Gold Silver Price Today 28 September 2026: MCX पर सोना ₹2,800 और चांदी ₹6,067 तक टूटी। जानें सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.85% गिरकर ₹1,47,667 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹6,067 की गिरावट के साथ ₹2,28,035 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
बाजार खुलते ही सोना-चांदी में तेज गिरावट
सोमवार 28 सितंबर को भारतीय कमोडिटी बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.85% टूट गया।
सोने की कीमत में करीब ₹2,800 की गिरावट आई और भाव ₹1,47,667 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं चांदी में 2.50% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत करीब ₹6,067 घटकर ₹2,28,035 प्रति किलोग्राम रह गई।
ग्लोबल मार्केट में भी सोने-चांदी के दाम गिरे
भारतीय बाजार से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बुलियन पर दबाव देखा गया। कॉमेक्स पर सोना करीब 2% से ज्यादा गिरकर लगभग 4,234 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।
वहीं चांदी की कीमत करीब 62 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई कमजोरी का असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिला।
सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे प्रमुख कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बाजार की बदलती उम्मीदें हैं।
बाजार में अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना बढ़ी है। ब्याज दर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होने पर ऐसे निवेश विकल्पों पर दबाव पड़ सकता है, जिनसे नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोने की कीमतों के लिए दबाव का कारण बनी है। डॉलर इंडेक्स करीब 101.39 तक पहुंच गया, जो लगभग दो महीने का ऊंचा स्तर बताया गया है।
अक्टूबर में फेड के फैसले पर बाजार की नजर
बाजार की नजर अब अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर है। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, GDP, PCE महंगाई, मैन्युफैक्चरिंग डेटा और सितंबर की नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट जैसे आंकड़े आगे सोने की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
LKP Securities के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट एवं VP जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, आने वाले रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़े अक्टूबर में फेड के संभावित फैसले को लेकर बाजार की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
गोल्ड ETF में भी गिरावट
सोने की कीमतों में कमजोरी का असर गोल्ड ETF पर भी दिखाई दिया। बाजार में कई गोल्ड ETF में करीब 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इन्वेस्को इंडिया गोल्ड ETF में करीब 2.47%, यूनियन गोल्ड ETF में 2.41%, एक्सिस गोल्ड ETF में 2.29%, SBI Gold ETF में 2.13% और कोटक गोल्ड ETF में करीब 2.12% तक की गिरावट देखने को मिली।
महंगे सोने के बीच निवेश का तरीका बदल रहा
सोने की कीमत लंबे समय से ऊंचे स्तर पर रहने के कारण निवेशकों और खरीदारों के विकल्पों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर सतीश डोंडापति के अनुसार, ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार हल्की ज्वैलरी के साथ ETF, डिजिटल गोल्ड और सिक्कों जैसे विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यम से लंबी अवधि के लिए सोने को लेकर उनका नजरिया सकारात्मक है, हालांकि निकट अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल का भी असर
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी घटनाएं भी बाजार के लिए अहम बनी हुई हैं। इन घटनाक्रमों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.6% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल और US क्रूड फ्यूचर्स करीब 1.1% चढ़कर 93.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
महंगा कच्चा तेल महंगाई को प्रभावित कर सकता है, जिससे आगे ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव संभव है। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग को भी समर्थन मिल सकता है।
आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल?
फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दर, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं का असर बना हुआ है।
इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर बाजार की नजर रहेगी। कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना को देखते हुए निवेशकों के लिए बाजार की ताजा स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

