जयपुर में कारोबारी से 1 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, WhatsApp कॉल पर जान से मारने की धमकी

कारोबारी से WhatsApp कॉल पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। जवाहर सर्किल पुलिस ने FIR दर्ज की।

जयपुर में कारोबारी से 1 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, WhatsApp कॉल पर जान से मारने की धमकी

जयपुर में एक कारोबारी को कथित तौर पर फोन कर एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी ने जवाहर सर्किल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में एक पटवारी समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।**

राजधानी जयपुर में रंगदारी और धमकी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बस्सी क्षेत्र के रहने वाले एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि उसे WhatsApp कॉल के जरिए एक करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया। रकम नहीं देने पर कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित कारोबारी का कार्यालय जयपुर के जवाहर सर्किल इलाके स्थित गोकुल वाटिका में बताया गया है। शिकायत के मुताबिक, 18 सितंबर को कारोबारी अपने कार्यालय में मौजूद था। दोपहर करीब 1:30 बजे उसके मोबाइल पर WhatsApp कॉल आया।

चार दिन में एक करोड़ रुपए देने की दी धमकी

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने कारोबारी से चार दिन के भीतर एक करोड़ रुपए की व्यवस्था करने को कहा।

आरोप है कि कॉल करने वाले ने रकम नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत में दावा किया गया कि कॉल के दौरान कारोबारी को यह भी कहा गया कि उसके पास केवल चार दिन हैं और वह पांचवां दिन नहीं देख पाएगा।

धमकी भरी कॉल के बाद कारोबारी डर गया। कुछ समय बाद उसने पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया और जवाहर सर्किल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

 Truecaller पर नंबर जांचने के बाद सामने आया नाम

कारोबारी ने पुलिस को बताया कि धमकी देने के लिए जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था, उसने उसे Truecaller पर चेक किया।

उसके मुताबिक, नंबर पर रविन्द्र कुमार महावर का नाम दिखाई दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह रविन्द्र को पहले से जानता था क्योंकि वह पहले दांतली-सिरोली क्षेत्र में पटवारी रह चुका था।

इसके बाद कारोबारी ने रविन्द्र से संपर्क किया।

शिकायत के अनुसार, रविन्द्र ने कारोबारी से कहा कि उसने कुछ दिन पहले अपनी सिम हरियाणा के रहने वाले एक दोस्त को दी थी और वह उससे इस संबंध में बात करेगा। बाद में कारोबारी को बताया गया कि अब आगे कोई कॉल नहीं आएगा।

हालांकि, धमकी की गंभीरता को देखते हुए कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।

फार्म हाउस की पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा घटनाक्रम

पुलिस जांच में इस मामले से जुड़ी एक पार्टी का जिक्र भी सामने आया है।

पुलिस को दिए गए कथित बयान के अनुसार, 17 सितंबर को रविन्द्र अपने दोस्तों कपिल शर्मा, मुनीराज मीणा और रामलाल मीणा के साथ विराटनगर स्थित एक फार्म हाउस पर गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, उस रात पार्टी नहीं हुई और अगले दिन यानी 18 सितंबर की सुबह पार्टी शुरू हुई।

इसी दौरान नगर निगम चुनाव और कारोबारी की कथित भूमिका को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया है।

चुनावी हार को लेकर हुई बातचीत के बाद कॉल करने का आरोप

पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, पार्टी के दौरान जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 61 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रामलाल मीणा की चुनावी हार को लेकर बातचीत हुई।

आरोप है कि बातचीत के दौरान यह दावा किया गया कि कारोबारी ने चुनाव में रामलाल मीणा को हराने के लिए भूमिका निभाई थी और वार्ड में उनके खिलाफ पैसे बांटे थे।

यह दावा फिलहाल आरोपों का हिस्सा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसके बाद कथित तौर पर कपिल शर्मा ने रविन्द्र का मोबाइल फोन लिया और कारोबारी को WhatsApp कॉल किया।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फोन कॉल किसने किया, बातचीत में कौन-कौन शामिल था और रंगदारी मांगने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

अलग नाम बताकर धमकी देने का भी आरोप

शिकायत के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद कारोबारी ने फोन काट दिया था। बाद में जब उसने उसी नंबर पर दोबारा कॉल किया तो फोन किसी दूसरे व्यक्ति ने उठाया।

आरोप है कि कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को हरियाणा का 'संदीप चौधरी' बताया और कारोबारी को दोबारा धमकी दी।

पुलिस जांच में इस व्यक्ति की पहचान मुनीराज मीणा के रूप में किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है।

जवाहर सर्किल थाने में FIR दर्ज

जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने कारोबारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।

ASI किशन लाल के अनुसार, शिकायत से जुड़े लोगों के बयान और कॉल से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस मोबाइल नंबर, कॉल से जुड़ी जानकारी और शिकायत में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती है।

पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कथित धमकी भरे कॉल में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और एक करोड़ रुपए मांगने के आरोपों के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और शिकायत में लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से साबित किया जाना बाकी है।