जयपुर के मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम, राधा-दामोदर में दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव; अक्षयपात्र में हुआ जलाभिषेक
जयपुर में जन्माष्टमी पर प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, सजावट और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। चौड़ा रास्ता स्थित राधा-दामोदर मंदिर में दोपहर 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जबकि अक्षयपात्र, गोपीनाथजी और इस्कॉन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
चौड़ा रास्ता स्थित ऐतिहासिक राधा-दामोदर मंदिर में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार दोपहर 12 बजे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस विशेष आयोजन को देखने और भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
अक्षयपात्र मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़
जन्माष्टमी के अवसर पर अक्षयपात्र मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। मंदिर में भगवान का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।
जलाभिषेक और विशेष पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल नजर आया। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए कतार में पहुंचते रहे।
गोपीनाथजी और इस्कॉन मंदिर में भी विशेष आयोजन
जयपुर के गोपीनाथजी मंदिर, अक्षरधाम और इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जन्माष्टमी के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मंदिरों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को व्यवस्थित रखने, यातायात नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जयपुर में जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में उमड़ी आस्था और भक्ति से पूरा शहर कृष्णमय नजर आ रहा है।

