मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द, UP सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द कर दी। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट भी लगाई।
संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जारी हिरासत आदेश रद्द कर दिया और उत्तर प्रदेश सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट लगाई।
सुप्रीम कोर्ट ने NSA हिरासत का आदेश किया रद्द
संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए हिरासत आदेश को निरस्त किया।
अदालत ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट भी लगाई है। यह मामला नवंबर 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के कोर्ट-निर्देशित सर्वे के बाद हुई हिंसा से जुड़ा है।
पुलिस हिरासत में दिए कथित कबूलनामे पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट के सामने NSA हिरासत के लिए इस्तेमाल किए गए आधार पर सवाल उठाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, अफरोज के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस हिरासत के दौरान दिए गए कथित कबूलनामे को भी आधार बनाया गया था।
अदालत ने माना कि पुलिस हिरासत में दर्ज कथित कबूलनामे के आधार पर किसी व्यक्ति को निवारक हिरासत में रखने का आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने हिरासत के लिए संबंधित परिस्थितियों पर उचित तरीके से विचार किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
गिरफ्तारी में 54 दिन की देरी पर भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने अफरोज की गिरफ्तारी में हुई करीब 54 दिन की देरी पर भी सवाल उठाया। अदालत के सामने यह बात रखी गई कि घटना के शुरुआती समय से ही सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध थे, ऐसे में गिरफ्तारी में इतनी देरी क्यों हुई।
अदालत ने हिरासत से जुड़े अधिकारियों द्वारा परिस्थितियों पर विचार करने के तरीके को भी मामले का अहम पहलू माना।
UP सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत आदेश को रद्द करने के साथ उत्तर प्रदेश सरकार पर ₹10 लाख की कॉस्ट लगाई। अदालत के फैसले के बाद अफरोज की NSA के तहत निवारक हिरासत समाप्त हो गई।
यह कार्रवाई उस हिरासत आदेश से जुड़ी है जिसे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। इसके बाद अफरोज ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
क्या है संभल हिंसा का मामला?
संभल में नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के कोर्ट-निर्देशित सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी। अफरोज इस मामले में आरोपी बनाए गए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें घटना के करीब 54 दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली, लेकिन 13 अक्टूबर 2025 को उनके खिलाफ NSA के तहत हिरासत आदेश जारी किया गया।
हाईकोर्ट द्वारा NSA हिरासत को बरकरार रखे जाने के बाद अफरोज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत आदेश रद्द कर दिया है।

