डोटासरा का भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप, बोले- रैली से व्यापारियों को नुकसान तो अब क्यों बंद कराए बाजार?

गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के रैली अभियान पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने राजस्थान की कानून-व्यवस्था और राइजिंग राजस्थान के निवेश पर सरकार से जवाब मांगा।

डोटासरा का भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप, बोले- रैली से व्यापारियों को नुकसान तो अब क्यों बंद कराए बाजार?

 राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ अभियान पर सवाल उठाते हुए पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली का भाजपा ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे व्यापारियों को नुकसान होता है। लेकिन अब भाजपा खुद रैलियां निकाल रही है, बाजार बंद हो रहे हैं और ट्रैफिक डायवर्ट होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।

डोटासरा ने ये बातें जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस पर निशाना साधने और अपने मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए रैलियां आयोजित कर रही है।

भाजपा की रैली में खाली कुर्सियों का किया जिक्र

डोटासरा ने जयपुर के रामलीला मैदान में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की रैली का जिक्र करते हुए दावा किया कि कार्यक्रम में लगाई गई करीब 2,000 कुर्सियों में से आधी खाली थीं। उनके मुताबिक, रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा पुलिसकर्मी और पत्रकार अधिक दिखाई दिए।

उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रैफिक डायवर्जन के कारण ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे और कारोबार पर असर पड़ रहा है। डोटासरा ने सवाल किया कि जब कांग्रेस की रैली को व्यापारियों के नुकसान से जोड़कर विरोध किया गया था, तो भाजपा की रैली के मामले में अलग तर्क क्यों दिए जा रहे हैं।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा के ‘अराजकता हटाओ’ अभियान पर सवाल उठाते हुए राजस्थान की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक की हत्या, जयपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट के कथित अपहरण और अवैध बजरी खनन से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जवाब देना चाहिए।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाने और जोड़ने के लिए फॉर्म दिए गए। उन्होंने दावा किया कि देश में करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ये सभी आरोप डोटासरा ने भाजपा और सरकार पर लगाए।

नीट पेपर लीक को लेकर भी उठाए सवाल

डोटासरा ने नीट 2026 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई, लेकिन इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने भाजपा नेताओं पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों की मांग केवल इतनी है कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी बात सुनी जाए और संविधान से मिले अभिव्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाए।

राइजिंग राजस्थान के निवेश पर मांगा हिसाब

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के राइजिंग राजस्थान निवेश दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार 10 से 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात करती है, लेकिन यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वास्तव में कितना निवेश राजस्थान पहुंचा और इससे कितने लोगों को रोजगार मिला।

डोटासरा ने मांग की कि सरकार सार्वजनिक करे कि किन कंपनियों और उद्योगपतियों को कितनी जमीन आवंटित की गई। साथ ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च तथा उनसे मिले निवेश का ब्यौरा भी सामने रखा जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में जमीन कम कीमत पर आवंटित की गई, जबकि परियोजनाओं पर वास्तविक काम नहीं हुआ। ये आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने लगाए हैं; सरकार की ओर से इन दावों पर प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

मुख्यमंत्री की भाषा पर जताई आपत्ति

डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सार्वजनिक बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने अशोक गहलोत के राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री से बिना तथ्यों के आरोप लगाने के बजाय सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं पर बात करने की अपील की।

कांग्रेस ने सरकार से सार्वजनिक जवाब मांगा

डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं और अब उसे आरोप-प्रत्यारोप के बजाय प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने राइजिंग राजस्थान के निवेश, रोजगार, जमीन आवंटन और सरकारी खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग दोहराई।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाता रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक जीवन में गरिमापूर्ण भाषा का इस्तेमाल करने और विपक्ष को डराने-धमकाने के बजाय उसके सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने की अपील की।