दिल्ली में दिनदहाड़े 2.30 करोड़ की लूट, पिस्टल दिखाकर दफ्तर से कैश ले गए बदमाश

दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में चार बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर दफ्तर से करीब 2.30 करोड़ रुपये लूट लिए। पुलिस सीसीटीवी से आरोपियों की तलाश कर रही है।

दिल्ली में दिनदहाड़े 2.30 करोड़ की लूट, पिस्टल दिखाकर दफ्तर से कैश ले गए बदमाश

दिल्ली के पुरानी दिल्ली इलाके में दिनदहाड़े करीब 2.30 करोड़ रुपये की लूट से सनसनी फैल गई। लाहौरी गेट इलाके में चार बदमाश कथित तौर पर एक दफ्तर में घुसे और वहां मौजूद कर्मचारी को पिस्टल दिखाकर डराने के बाद अलमारी में रखी नकदी बैग में भरकर फरार हो गए।

घटना 28 अक्टूबर की बताई जा रही है। लूट के बाद आरोपी जिस कार से फरार हुए, वह कथित तौर पर पहले से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने खड़ी थी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।

कर्मचारी को पिस्टल दिखाकर लूटी नकदी

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों आरोपी लाहौरी गेट स्थित दफ्तर में पहुंचे। वहां उन्होंने एक कर्मचारी को कथित तौर पर हथियार दिखाकर अपने काबू में कर लिया। इसके बाद अलमारी में रखी नकदी निकाली और बैग में भरकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस के मुताबिक, लूटी गई रकम करीब 2.30 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

रेलवे स्टेशन के सामने खड़ी थी भागने वाली कार

जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद भागने के लिए इस्तेमाल की गई कार पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने खड़ी थी। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार वहां कब लाई गई और आरोपी किस रास्ते से दफ्तर तक पहुंचे।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या आरोपियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी और उन्हें दफ्तर में इतनी बड़ी रकम रखे होने की पहले से जानकारी थी।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

लूट की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। लाहौरी गेट थाने में लूट से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

उत्तर जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट के मुताबिक, पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। दफ्तर के आसपास की सड़कों और संभावित भागने वाले रास्तों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की चार टीमें आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हैं।

पुलिस के सामने रकम बरामद करने की चुनौती

फिलहाल पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने के साथ-साथ लूटी गई रकम बरामद करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस दिशा में गए और इस्तेमाल की गई कार बाद में कहां पहुंची।

यह भी जांच का हिस्सा है कि आरोपियों को दफ्तर में इतनी बड़ी रकम रखे होने की जानकारी पहले से थी या नहीं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद ही लूट की पूरी साजिश और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।