राजस्थान पंचायत चुनाव: अजमेर-जोधपुर में EVM खराब, झुंझुनूं में लगी कतारें; 95 साल की महिला ने डाला वोट
राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में अजमेर, जोधपुर, दौसा और झुंझुनूं के कई बूथों पर EVM खराबी से मतदान प्रभावित हुआ। वहीं, 95 साल की बुजुर्ग महिला ने भी वोट डाला।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए 22 जिलों में मतदान जारी है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में सुबह से ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंच रहे हैं। हालांकि, अजमेर, जोधपुर और दौसा समेत कुछ जिलों में EVM में तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। वहीं, झुंझुनूं में मशीन खराब होने से मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर, लोकतंत्र के इस पर्व में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह भी देखने को मिला। 95 साल की महिला परिजनों की गोद में मतदान केंद्र पहुंचीं और वोट डाला।
अजमेर और जोधपुर में EVM खराब, मतदान प्रभावित
जोधपुर जिले की तिंवरी पंचायत समिति के दो बूथों पर EVM खराब होने से मतदान प्रभावित हुआ। अजमेर में भी दो मतदान केंद्रों पर मशीनों में खराबी सामने आई, जिसके चलते करीब 30 मिनट की देरी से वोटिंग शुरू हो सकी। झुंझुनूं जिले की सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव स्थित बूथ नंबर 71 पर भी EVM खराब होने की सूचना मिली। यहां मशीन ठीक होने के इंतजार में मतदाताओं की कतारें लगी रहीं।
दौसा में कई मतदान केंद्रों पर तकनीकी खामी
दौसा जिले में भी कई बूथों पर EVM में तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आई। बसवा के बूथ नंबर 13 और 14, बांदीकुई के बूथ नंबर 118, पावटा के बूथ नंबर 71 और मनोहरपुर-खेड़ला के बूथ नंबर 22 और 25 पर मतदान प्रभावित हुआ। मशीनों में खराबी की सूचना के बाद उन्हें बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि मतदान दोबारा सुचारू रूप से कराया जा सके।
95 साल की महिला ने भी किया मतदान
पंचायत चुनाव के दौरान झुंझुनूं में एक बुजुर्ग महिला का मतदान के प्रति उत्साह देखने को मिला। 95 साल की महिला परिजनों की गोद में मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उम्र अधिक होने के बावजूद मतदान करने पहुंची महिला की तस्वीर लोकतंत्र में भागीदारी का संदेश देती है।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने लाइन में लगकर डाला वोट
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले में अपने पैतृक गांव भारनी के मतदान केंद्र नंबर 54 पर पहुंचकर वोट डाला। मंत्री ने आम मतदाताओं के साथ कतार में लगकर मतदान किया। सीकर जिले की छह पंचायत समितियों में सुबह 7 बजे से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोटिंग शुरू हुई। सुबह हल्की ठंड के बीच मतदाता धीरे-धीरे मतदान केंद्रों तक पहुंचते दिखाई दिए।
22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 22 जिला परिषदों के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों में सदस्य चुने जा रहे हैं। चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, स्थानीय दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। मतदान के बाद पंचायत समिति सदस्य अपने-अपने क्षेत्र में प्रधान का चुनाव करेंगे, जबकि जिला परिषद सदस्य जिला प्रमुख का चयन करेंगे।
इस चरण में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार के सदस्यों की राजनीतिक किस्मत भी दांव पर है। उनकी पत्नी शांति देवी खर्रा, बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा, छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा और छोटे भाई की पत्नी प्रतिमा खर्रा के भविष्य का फैसला भी चुनाव परिणामों से होगा।

