EV खरीदने वालों की चांदी , 1.5 लाख तक सब्सिडी; Road Tax और Registration Fee में भी राहत

जम्मू-कश्मीर EV Policy 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत का प्रावधान है। इलेक्ट्रिक कार पर 1.5 लाख तक सब्सिडी मिल सकती है।

EV खरीदने वालों की चांदी , 1.5 लाख तक सब्सिडी; Road Tax और Registration Fee में भी राहत

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने नई EV Policy 2026 लागू की है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का नोटिफिकेशन जारी किया है। नीति के तहत अलग-अलग श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी के साथ रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी राहत का प्रावधान किया गया है।

नई नीति का सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को मिलने वाला है। पात्र चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। सब्सिडी की राशि वाहन की कैटेगरी, एक्स-शोरूम कीमत और बैटरी क्षमता जैसे मानकों के आधार पर तय होगी।

EV खरीदने पर कितना फायदा मिलेगा?

नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की अलग-अलग कैटेगरी को शामिल किया गया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए बैटरी क्षमता के आधार पर इंसेंटिव तय किया गया है। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और कमर्शियल वाहनों के लिए भी अलग प्रोत्साहन निर्धारित किए गए हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर पर मिलने वाली छूट की है। नई नीति के तहत पात्र इलेक्ट्रिक कार पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि, हर कार खरीदार को समान राशि नहीं मिलेगी। वास्तविक लाभ वाहन की कीमत और बैटरी क्षमता समेत नीति में निर्धारित शर्तों के आधार पर तय होगा।

Road Tax और Registration पर भी राहत

सरकार ने केवल खरीद पर सब्सिडी तक ही नीति को सीमित नहीं रखा है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी राहत देने का प्रावधान किया गया है।

नीति के अनुसार पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों को इन शुल्कों में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है। इससे वाहन की ऑन-रोड लागत में कमी आ सकती है और शुरुआती खरीद खर्च पेट्रोल या डीजल वाहन की तुलना में अलग तरीके से प्रभावित होगा।

 Charging Infrastructure पर भी जोर

EV को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ सब्सिडी देना ही पर्याप्त नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में चार्जिंग नेटवर्क सबसे अहम जरूरतों में से एक है। इसी को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर की नई नीति में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

शहरों, प्रमुख सड़कों, हाईवे, पर्यटन स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर EV charging stations विकसित करने की योजना है। इसके अलावा निजी पार्किंग और व्यावसायिक परिसरों में charging points को बढ़ावा देने की व्यवस्था भी नीति का हिस्सा है।

लोगों को क्या होगा फायदा?

सरकार की योजना इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत कम करने के साथ-साथ राज्य में EV adoption को बढ़ावा देने की है। सब्सिडी और टैक्स संबंधी राहत मिलने से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की लागत कम हो सकती है।

इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना भी है।

 किन लोगों के लिए यह नीति अहम?

अगर कोई व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार, थ्री-व्हीलर या कमर्शियल EV खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसके लिए नई नीति महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, सब्सिडी और शुल्क में छूट पाने के लिए वाहन, खरीद की तारीख और अन्य पात्रता शर्तों को नीति के आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार देखना जरूरी होगा।

नई EV Policy 2026 के जरिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने और परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक नीति ढांचा तैयार किया है।