राहुल गांधी पर FIR को लेकर डूंगरपुर में कांग्रेस का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन; BJP-RSS पर साधा निशाना

राजस्थान के डूंगरपुर में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने FIR को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की।

राहुल गांधी पर FIR को लेकर डूंगरपुर में कांग्रेस का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन; BJP-RSS पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राजस्थान के डूंगरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के बाहर कांग्रेस और अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एफआईआर को वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखे आरोप लगाए। कांग्रेस नेता एवं एडवोकेट शंकर यादव ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए एफआईआर निरस्त करने की मांग की।

कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे कार्यकर्ता, राहुल के समर्थन में नारेबाजी

डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई का विरोध करते हुए केंद्र और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी लगातार दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि इन मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

शंकर यादव बोले- लोकतंत्र के साथ मजाक

कांग्रेस नेता शंकर यादव ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने से रोकने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि देश में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अधिकार है। कांग्रेस के मुताबिक, दलितों, शोषितों और आदिवासियों के सम्मान और अधिकारों की बात करने पर किसी नेता के खिलाफ कार्रवाई करना स्वीकार्य नहीं है।

दलित और आदिवासी मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने उठाई आवाज

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के सम्मान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। शंकर यादव ने आरोप लगाया कि देश में दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने ऐसे मामलों को लेकर अपनी आवाज उठाई और इसी के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक सोच से प्रेरित है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने से जुड़े आरोपों और पूरे मामले को लेकर अन्य पक्षों के अलग दावे भी हो सकते हैं।

टीकाराम जूली से जुड़े पुराने मामले का भी किया जिक्र

प्रदर्शन के दौरान शंकर यादव ने राजस्थान की राजनीति से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा और टीकाराम जूली से जुड़े उस मामले का हवाला दिया, जिसमें मंदिर में प्रवेश के बाद गंगाजल छिड़कने को लेकर विवाद हुआ था।

कांग्रेस नेता ने इस घटना का जिक्र करते हुए भाजपा पर दलित समाज के प्रति दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक सम्मान और समानता के मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।

प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विरोध

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर अलग-अलग स्थानों पर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी क्रम में डूंगरपुर में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांग रखते हुए कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने संकेत दिए कि यदि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो विरोध को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

FIR रद्द करने की मांग पर अड़ी कांग्रेस

डूंगरपुर में हुए प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी ने इसे दलित, आदिवासी और वंचित वर्गों की आवाज से जोड़ते हुए भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी। फिलहाल डूंगरपुर के प्रदर्शन के बाद राजस्थान की राजनीति में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का

मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।