राजस्थान चुनाव का 'गुप्त खर्चा' आपकी जेब ढीली करेगा? निकाय चुनाव में खर्च होंगे करीब 30 करोड़, जानिए किस शहर पर कितना पैसा

राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच चुनावी खर्च का बड़ा आंकड़ा सामने आया है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों के लिए करीब 29.65 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जानिए जयपुर से पाली तक किस शहर के चुनाव पर कितना खर्च होने वाला है।

राजस्थान चुनाव का 'गुप्त खर्चा' आपकी जेब ढीली करेगा? निकाय चुनाव में खर्च होंगे करीब 30 करोड़, जानिए किस शहर पर कितना पैसा
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राजस्थान में निकाय चुनाव की तारीखों का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। हाईकोर्ट में पेश किए गए चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक 17 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा प्रस्तावित है। इसके बाद सितंबर में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने का कार्यक्रम है। लेकिन चुनाव की तारीखों से पहले एक और आंकड़ा चर्चा में है। निकाय चुनाव कराने पर होने वाला करोड़ों रुपये का खर्च। राज्य में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव कराने के लिए अलग-अलग मदों में बजट निर्धारित किया गया है। चुनाव के दौरान यात्रा भत्ता, POL, वाहन किराया, अल्पाहार और मतदान दलों के भुगतान सहित कई प्रशासनिक जरूरतों पर यह राशि खर्च की जाएगी। 

करीब 30 करोड़ का चुनावी बजट

नगर निगम चुनावों के लिए करीब 10 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपये का बजट रखा गया है। वहीं नगर पालिका और नगर परिषद चुनावों के लिए करीब 19 करोड़ 33 लाख 2 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस तरह दोनों को मिलाकर राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों पर कुल 29 करोड़ 64 लाख 78 हजार रुपये का बजट रखा गया है। यानी निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

जयपुर का चुनाव सबसे ज्यादा खर्चा

प्रदेश के नगर निगमों की बात करें तो चुनावी खर्च के मामले में जयपुर सबसे आगे है। जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए करीब 3.96 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके बाद जोधपुर और कोटा जैसे बड़े नगर निगमों के चुनावों के लिए भी एक करोड़ रुपये से अधिक तक का बजट निर्धारित किया गया है।

अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, अलवर, भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगमों के लिए भी अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। वहीं नगर निगमों में पाली के लिए करीब 28.80 लाख रुपये का चुनावी बजट बताया गया है। इस लिहाज से उपलब्ध आंकड़ों में जयपुर का बजट सबसे ज्यादा और पाली का सबसे कम है।

आखिर कहां खर्च होगा पैसा?

चुनाव सिर्फ मतदान केंद्र बनाने और वोटिंग करवाने तक सीमित नहीं होता। पूरी चुनावी मशीनरी को चलाने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों, वाहनों और दूसरी व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है। इसी कारण बजट में यात्रा भत्ता, POL, वाहनों का किराया, मतदान दलों के भुगतान और अल्पाहार सहित अलग-अलग मदों के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब है कि वोटिंग के दिन दिखाई देने वाली व्यवस्था के पीछे करोड़ों रुपये का प्रशासनिक खर्च जुड़ा हुआ है।

आपके शहर के चुनाव पर कितना खर्च? 

बड़े नगर निगमों के अलावा राजस्थान की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के चुनावों के लिए भी अलग-अलग बजट निर्धारित किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल है आपके शहर में चुनाव करवाने पर कितने लाख रुपये खर्च होंगे?