Rajasthan Labour Rules 2026: राजस्थान में लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत, साल में दो बार बदलेगा DA, 48 घंटे का वर्किंग वीक
राजस्थान में मजदूरी संहिता नियम 2026 को मंजूरी मिल गई है। जानें न्यूनतम मजदूरी, DA में साल में दो बार संशोधन, 48 घंटे की वीकली वर्क लिमिट, साप्ताहिक अवकाश, ब्रेक और ओवरटाइम के नए नियम।
Rajasthan Labour Rules 2026: राजस्थान में औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' और 'राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026' को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार का दावा है कि नए नियमों से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी और न्यूनतम मजदूरी, काम के घंटे, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम जैसे मामलों में व्यवस्था अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी।
श्रमिकों के हित में ऐतिहासिक फैसला
कैबिनेट की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले को श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार के मुताबिक, नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रमिकों के श्रम का सम्मान करने के साथ उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
अब वैज्ञानिक फॉर्मूले से तय होगी न्यूनतम मजदूरी
संसदीय कार्य मंत्री और उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नई मजदूरी संहिता के तहत न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए वैज्ञानिक फॉर्मूला और कौशल आधारित वर्गीकरण अपनाया जाएगा।
इससे अलग-अलग कौशल और काम की प्रकृति के आधार पर मजदूरी निर्धारित करने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता
नए नियमों में महंगाई भत्ते को लेकर भी अहम प्रावधान किया गया है। DA को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ा जाएगा।
इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ते में साल में दो बार अनिवार्य संशोधन किया जाएगा। यह संशोधन 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य महंगाई बढ़ने की स्थिति में श्रमिकों की वास्तविक आय पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम
नए श्रम नियमों के तहत काम के घंटों को लेकर भी स्पष्ट सीमा तय की गई है।
साप्ताहिक कार्य सीमा: कर्मचारियों से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा।
दैनिक कार्य अवधि: छह दिन के कार्य सप्ताह में विश्राम के समय को मिलाकर दैनिक कार्य अवधि 10.5 घंटे से अधिक नहीं होगी।
सातवें दिन मिलेगा सवेतन अवकाश
नए नियमों में सप्ताह के सातवें दिन को सवेतन साप्ताहिक अवकाश (Paid Weekly Holiday) के रूप में रखने का प्रावधान किया गया है।
इसका मतलब है कि निर्धारित कार्य सप्ताह पूरा करने के बाद कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन भुगतान सहित अवकाश मिलेगा।
लगातार 5 घंटे काम के बाद 30 मिनट का ब्रेक
कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए ब्रेक को लेकर भी नियम तय किए गए हैं।
नियमों के मुताबिक, किसी कर्मचारी से लगातार 5 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा। इसके बाद कम से कम 30 मिनट का विश्राम देना अनिवार्य होगा।
छुट्टी के दिन काम करने पर मिलेगा ओवरटाइम
यदि किसी कर्मचारी से उसके साप्ताहिक अवकाश के दिन काम कराया जाता है तो उसे निर्धारित दर के अनुसार अतिरिक्त ओवरटाइम भुगतान करना होगा।
इस प्रावधान से कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के बदले उचित भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नाइट शिफ्ट में सुरक्षा पर विशेष जोर
रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी नए नियमों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। नियोक्ताओं को नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे।
इससे खासकर रात में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
लाखों श्रमिकों पर पड़ेगा असर
राजस्थान सरकार के इन दोनों नियमों का असर राज्य के औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारियों और श्रमिकों पर पड़ेगा। न्यूनतम मजदूरी में नियमित संशोधन, साप्ताहिक अवकाश, ब्रेक और ओवरटाइम जैसे प्रावधानों से श्रमिकों के अधिकारों को अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नोट: नए नियमों के वास्तविक क्रियान्वयन और संबंधित प्रावधानों की अंतिम स्थिति के लिए राजस्थान सरकार की आधिकारिक अधिसूचना और विभागीय आदेश को आधार माना जाएगा।

