राजस्थान में आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 5 संभागों में बारिश-आंधी का असर; इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 6 सितंबर को 20 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि बारां, चित्तौड़गढ़, डीग, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
Rajasthan Weather Today: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। रविवार, 6 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। भरतपुर और जयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जबकि बारां, चित्तौड़गढ़, डीग, करौली और सवाई माधोपुर के लिए भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में सितंबर की शुरुआत के साथ मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में मौसम को प्रभावित करने वाला सिस्टम उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले दो दिनों में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इसका असर राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में दिखाई दे सकता है।
6 सितंबर को खासतौर पर पूर्वी राजस्थान में बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लो-प्रेशर सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना लो-प्रेशर एरिया है। 5 सितंबर की शाम तक यह सिस्टम सक्रिय था और इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था।
इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। यह अनूपगढ़ और अलवर होते हुए लो-प्रेशर सिस्टम के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके अलावा अलग-अलग ऊंचाई पर बनी अन्य ट्रफ भी मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल सकता है।
भरतपुर और जयपुर में भारी बारिश के आसार
6 सितंबर को भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। कोटा और अजमेर संभाग में भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश होने के आसार हैं।
सबसे ज्यादा सतर्कता बारां, चित्तौड़गढ़, डीग, करौली और सवाई माधोपुर जिलों में रखनी होगी। यहां भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।
जयपुर समेत इन जिलों में आंधी-बिजली का अलर्ट
राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में बारिश से ज्यादा गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने जयपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, दौसा, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी जिलों के हर हिस्से में बारिश होगी। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर केवल बादल, गरज और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वी राजस्थान की तुलना में पश्चिमी हिस्से में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। इसके बावजूद बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं छिटपुट बारिश के आसार हैं।
बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में गरज-चमक, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट है।
वहीं बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर और फलोदी में व्यापक बारिश की कोई विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है।
7 सितंबर से कमजोर होगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में बारिश का यह दौर ज्यादा लंबा चलने की संभावना नहीं है। 7 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आनी शुरू हो सकती है। इसके बाद 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और कमजोर पड़ने की उम्मीद है।
यानी 6 सितंबर राजस्थान के लिए मौसम के लिहाज से अहम दिन रहेगा। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान के जिलों में रहने वाले लोगों को भारी बारिश, बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

