सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में बड़ी कार्रवाई, आरोपी हरिराम की पत्नी और बेटा भी गिरफ्तार; अब 3 लोग पुलिस की गिरफ्त में
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने कथित मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया है। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी और मामले में पांच MCD अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच अब गिरफ्तारी तक पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस ने मामले में **तीन लोगों को गिरफ्तार** किया है। इनमें बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटा महेश शामिल हैं। ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस अब हादसे की जिम्मेदारी और कथित लापरवाही के पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है।
पत्नी और बेटे की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के मुताबिक हादसे वाली संपत्ति का रजिस्ट्रेशन उर्मिला के नाम पर था, जबकि वहां का बिजली कनेक्शन हरिराम और उनके बेटे महेश के नाम पर दर्ज था। इसी आधार पर पुलिस तीनों से मामले से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
हरिराम को इससे पहले राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया था। उनके खिलाफ बिल्डिंग हादसे को लेकर मामला दर्ज किया गया था। अब पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन की पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में अब तक **7 लोगों की मौत** की पुष्टि हुई है। इमारत में छात्रों के लिए PG की व्यवस्था थी। हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमों ने लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
NDRF ने अब अपना रेस्क्यू और राहत अभियान पूरा कर लिया है। टीमों ने मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें सात की मौत हो गई।
हादसे की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य और बेसमेंट में पानी जमा होने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन ने हादसे के बाद दिल्ली में पांच मंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती के संकेत दिए हैं। ऐसी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और असुरक्षित भवनों पर कार्रवाई की बात सामने आई है।
इस मामले में पांच MCD अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इमारत की स्थिति, मरम्मत और निर्माण से जुड़े नियमों में कहीं लापरवाही हुई थी या नहीं।
अब आगे क्या?
तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस हादसे से जुड़े दस्तावेजों, इमारत की स्थिति और मरम्मत कार्य से संबंधित तथ्यों को खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे की जिम्मेदारी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

