उत्तराखंड में बारिश का कहर! 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून में स्कूल बंद; 124 सड़कें ठप
Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में स्कूल बंद हैं और भूस्खलन से 124 सड़कें प्रभावित हैं।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, भूस्खलन और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर से जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 20 अगस्त को राज्य के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच पहाड़ी जिलों में खास सतर्कता बरती जा रही है। लगातार बारिश के कारण कमजोर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। वहीं नदी और बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश के हालात को देखते हुए देहरादून में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यहां आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ स्कूलों को भी बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि बच्चों को खराब मौसम के बीच बाहर निकलने से बचाया जा सके।
टिहरी डैम का जलस्तर चेतावनी रेखा के पार
लगातार बारिश के बीच टिहरी बांध का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है। भारी बारिश जारी रहने पर बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ सकती है। ऐसे में प्रदेश की प्रमुख नदियों और उनकी सहायक धाराओं में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
देहरादून के मालदेवता में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के मुताबिक देहरादून जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। मालदेवता क्षेत्र में 83 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद सहस्रधारा स्थित आईटीआई में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
हल्द्वानी में भी करीब 45.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और आवाजाही से जुड़ी परेशानियां सामने आई हैं।
बारिश और भूस्खलन से 124 सड़कें बंद
उत्तराखंड में बारिश का सबसे बड़ा असर सड़क संपर्क पर पड़ा है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण प्रदेशभर में 124 सड़कें बंद बताई जा रही हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राजमार्ग और एक अन्य जिला मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की 28 सड़कें और पीएमजीएसवाई आरडब्ल्यूडी की 92 सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। सड़कें बंद होने से कई पहाड़ी इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित
सड़क बंद होने के मामले में पिथौरागढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां 24 सड़कें बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हैं।
चमोली में 20, नैनीताल में 18, बागेश्वर में 11, जबकि देहरादून, पौड़ी और टिहरी में 10-10 सड़कें प्रभावित हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी में 9, रुद्रप्रयाग में 8 और अल्मोड़ा में 4 सड़कें बंद बताई गई हैं।
मानसून में अब तक 33 लोगों की मौत
लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के बीच इस मानसून सीजन में अब तक 33 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। बारिश, भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जोखिम लगातार बना हुआ है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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